Shimla News: हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) में चालकों की अस्थायी भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही बेरोजगार युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। राज्य के 31 डिपो में कुल 656 पदों को भरने के लिए करीब 9 हजार युवा सुबह से ही कतारों में खड़े नजर आए।
दस्तावेजों की जांच के बाद शुरू हुआ ड्राइविंग टेस्ट
भर्ती प्रबंधन ने दोपहर 12 बजे के बाद योग्य उम्मीदवारों की मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने सबसे पहले सभी अभ्यर्थियों के भारी वाहन ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच की। इसके बाद ही उन्हें अगले चरण के लिए भेजा गया।
निगम ने आवेदकों की वास्तविक योग्यता परखने के लिए एक विशेष व्यवस्था की। प्रबंधन ने किसी बंद मैदान में टेस्ट लेने के बजाय विभिन्न रूटों पर चलने वाली साधारण यात्री बसों पर ही उम्मीदवारों का कड़ा ड्राइविंग टेस्ट लिया। इस प्रक्रिया की निगरानी क्षेत्रीय प्रबंधकों ने की।
अस्थायी नौकरी के लिए भी तैयार दिखे बेरोजगार युवा
भर्ती में पहुंचे युवाओं ने बताया कि वे जानते हैं कि नियमित चालकों की हड़ताल समाप्त होते ही यह सेवाएं खत्म हो सकती हैं। इसके बावजूद राज्य में बढ़ती बेरोजगारी के कारण वे कुछ दिनों के रोजगार के लिए भी पूरी तरह तैयार होकर आए हैं।
शिमला के अभ्यर्थी अरुण कुमार और कुमारसैन के मोंटू ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से भारी वाहन चला रहे हैं। वे केवल एक अच्छे अवसर की तलाश में यहां पहुंचे हैं। युवाओं के अनुसार इस समय सरकारी क्षेत्र में अनुभव मिलना भी एक बड़ी बात है।
चयनित चालकों को मिलेगा 1500 रुपये प्रतिदिन वेतन
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह वैकल्पिक और अस्थायी है। इस व्यवस्था के तहत नियुक्त होने वाले चालकों को 1500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें निर्धारित रूटों की पूरी जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि निगम में 500 स्थायी चालकों की नियमित भर्ती प्रक्रिया पहले से ही सरकारी स्तर पर लंबित चल रही है। राज्य सरकार उस लंबित पड़ी व्यवस्था पर भी बहुत जल्द गंभीरता से विचार कर रही है ताकि स्थायी समाधान निकल सके।
नाहन डिपो के ट्रायल में केवल 15 चालक हुए पास
सिरमौर जिले के नाहन डिपो में कुल 25 चालकों की अस्थायी तौर पर नियुक्ति होनी है। इसके लिए निर्धारित समय में कुल 310 लोगों ने अपने आवेदन जमा किए। कड़े मुकाबले के बीच पहले दिन केवल 53 चालकों का ही व्यावहारिक ट्रायल लिया जा सका।
कठिन टेस्ट के कारण इन 53 आवेदकों में से केवल 15 चालक ही सफलता हासिल कर पाए। सफल उम्मीदवारों में एक महिला चालक भी शामिल है जिसने अपनी बेहतरीन कला का प्रदर्शन किया। प्रबंधन बाकी बचे आवेदकों का टेस्ट अगले चरण में पूरा करेगा।

