मास्टरशेफ विजेता पंकज भदौरिया को हुआ ब्रेस्ट कैंसर, भावुक पोस्ट शेयर कर फैंस से मांगी दुआएं, जानिए इसके मुख्य लक्षण

Health News: ‘मास्टरशेफ इंडिया’ सीजन वन की विजेता और देश की मशहूर सेलिब्रिटी शेफ पंकज भदौरिया ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने प्रशंसकों को बताया कि वे इन दिनों ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं।

इस दुखद खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनके लाखों फैंस की चिंता काफी बढ़ गई है। मशहूर शेफ पंकज भदौरिया ने इस मुश्किल वक्त में लोगों से अपनी अच्छी सेहत और रिकवरी के लिए खास सपोर्ट की अपील की है।

ब्रेस्ट कैंसर दुनिया भर में महिलाओं को प्रभावित करने वाली एक बेहद गंभीर और आम बीमारी बन चुकी है। हर साल लाखों महिलाएं इसकी चपेट में आती हैं। वैसे तो यह घातक बीमारी किसी भी उम्र में महिलाओं को अपना शिकार बना सकती है।

पचास साल की उम्र के बाद बढ़ता है कैंसर का खतरा

चिकित्सकों के अनुसार पचास साल की उम्र पार करने के बाद महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। बढ़ती उम्र के साथ शरीर में होने वाले जैविक और हार्मोनल बदलाव ही मुख्य रूप से इसकी सबसे बड़ी वजह बनते हैं।

यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें स्तन की कुछ कोशिकाएं पूरी तरह असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं। समय बीतने के साथ यही खराब कोशिकाएं स्तन के भीतर एक कठोर गांठ या खतरनाक ट्यूमर का रूप धारण कर लेती हैं।

अगर समय रहते इसका सटीक इलाज शुरू न किया जाए तो यह कैंसर कोशिकाएं पूरे शरीर में फैल जाती हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ डॉक्टर बीमारी की शुरुआती पहचान और सही समय पर इलाज को सबसे ज्यादा जरूरी मानते हैं।

मेनोपॉज और हार्मोनल बदलाव बनते हैं मुख्य वजह

विशेषज्ञों के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम लगातार बढ़ता जाता है। पचास वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में पीरियड्स आना पूरी तरह बंद हो जाते हैं। इस प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया को मेनोपॉज कहा जाता है।

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन सहित कई हार्मोन का संतुलन पूरी तरह बदलने लगता है। हार्मोन में आने वाला यह बड़ा उतार-चढ़ाव स्तन के नाजुक टिशू को सीधे तौर पर प्रभावित करता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है।

इसके साथ ही बढ़ती उम्र के कारण शरीर में डीएनए की मरम्मत करने की प्राकृतिक क्षमता भी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। क्षमता घटने से खराब और असामान्य कोशिकाएं तेजी से बढ़कर गंभीर ट्यूमर में बदलने लगती हैं।

मोटापा और खराब लाइफस्टाइल से भी बढ़ती है परेशानी

पचास वर्ष की उम्र के बाद अधिकांश महिलाओं में वजन बढ़ने की समस्या बहुत आम हो जाती है। शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को अवांछित रूप से बढ़ा देती है, जिससे आंतरिक सूजन की समस्या बनी रहती है।

अनुवांशिक कारणों या परिवार में पहले किसी को यह बीमारी होने पर भी इसका खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी की कमी, अस्वस्थ खानपान, धूम्रपान और शराब का सेवन भी इस बीमारी को आमंत्रण देता है।

शुरुआती चरण में इसमें दर्द नहीं होता, इसलिए महिलाएं अक्सर स्तन या बगल की गांठ, आकार में बदलाव और निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज जैसे मुख्य लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं। शुरुआती पहचान से सर्जरी और दवाओं द्वारा इसका इलाज आसान होता है।

Author: Asha Thakur

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