Mumbai News: देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अब एक बड़ा धमाका करने जा रही है। कंपनी अपनी डिजिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए जल्द ही फिनटेक सेक्टर में कदम रखेगी। एलआईसी इस नए सफर के लिए रणनीतिक निवेश या नई कंपनी बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
बाजार में मौजूद फोनपे, पेटीएम और गूगलपे जैसी दिग्गज कंपनियों को अब एलआईसी से सीधी टक्कर मिलने वाली है। एलआईसी के सीईओ और एमडी आर दुरईस्वामी ने बताया कि कंपनी बदलते दौर के साथ खुद को बदल रही है। वे नई तकनीकों और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
कंपनी के पास निवेश के लिए एक बहुत बड़ा फंड मौजूद है। एलआईसी इस विशाल कोष का उपयोग विशेष वित्तीय उपक्रमों में रणनीतिक निवेश करने के लिए करेगी। इससे पॉलिसीधारकों को उनके जमा पैसे पर पहले से कहीं ज्यादा और बेहतर रिटर्न मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
तकनीकी आधुनिकीकरण के लिए मेगा प्लान
आर दुरईस्वामी ने कहा कि एलआईसी हमेशा से ही नई तकनीक को अपनाने में सबसे आगे रही है। कंपनी ने सॉफ्टवेयर विकास के लिए अपना खुद का एक विशेष केंद्र बनाया है। इस केंद्र में बड़ी संख्या में कुशल आईटी विशेषज्ञ आधुनिक सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन विकसित करने में लगे हुए हैं।
सरकारी बीमा कंपनी अपने आंतरिक संसाधनों के साथ-साथ बाहरी आईटी प्रदाताओं का भी पूरा सहयोग ले रही है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य अपने पूरे तकनीकी ढांचे को बेहद आधुनिक बनाना है। इससे एलआईसी बाजार की अन्य निजी कंपनियों के मुकाबले अधिक चुस्त, प्रभावी और प्रतिस्पर्धी बन सकेगी।
सरकार की हिस्सेदारी और शेयरधारकों को बड़ा तोहफा
केंद्र सरकार द्वारा भविष्य में हिस्सेदारी बेचने के सवाल पर उन्होंने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की। एलआईसी इस तरह की किसी भी सरकारी प्रक्रिया के लिए हर समय पूरी तरह तैयार है। साल 2022 में आए आईपीओ के समय से ही इन सभी संभावनाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
दुरईस्वामी ने बताया कि हिस्सेदारी बिक्री का अंतिम निर्णय केवल केंद्र सरकार को ही लेना है। सरकार जब भी इस पर फैसला करेगी, एलआईसी उसका पूरा समर्थन करेगी। सरकार अभी न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी के नियमों को पूरा करने के लिए बाजार के सही होने का इंतजार कर रही है।
मुनाफे में ऐतिहासिक उछाल और बोनस शेयर
आईपीओ के बाद से एलआईसी ने अपने निवेशकों को मालामाल करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। कंपनी ने हाल ही में अपने शेयरधारकों के लिए एक के बदले एक बोनस शेयर देने की बड़ी घोषणा की है। इसके साथ ही लाभांश में भी भारी बढ़ोतरी की गई है।
कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 10 रुपये के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। एलआईसी ने मार्च तिमाही में 23 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 23,420 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। यह किसी भी भारतीय वित्तीय कंपनी का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा है।
Author: Rajesh Kumar

