Jharkhand News: झारखंड के बोकारो जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां पड़ोसियों के विवाद में बीच-बचाव करने गई चार महीने की गर्भवती महिला की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव है।
यह खौफनाक वारदात बोकारो के बेरमो थाना क्षेत्र की धौरा धोरी रेलवे साइडिंग नंबर पांच कॉलोनी में हुई। शुक्रवार रात दो पक्षों में विवाद हो रहा था। तभी पच्चीस वर्षीय पीड़ित महिला ने शांति बनाने के लिए हस्तक्षेप किया था।
विवाद शांत कराने के प्रयास के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण शनिवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को दबोच लिया है।
मुख्य आरोपी सुरेंद्र भुइयां समेत छह लोग पुलिस की गिरफ्त में
बेरमो थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि मृतका के परिजनों की लिखित शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुरेंद्र भुइयां, बबलू कुमार, बीरेंद्र कुमार भारती, राहुल डेगर, राजेश और धीरेन भुइयां को गिरफ्तार किया है।
इस जघन्य हत्याकांड को लेकर जिले का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। भाजपा ने इसे कानून-व्यवस्था की नाकामी बताते हुए बोकारो बंद का आह्वान किया था। हालांकि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने अपना बंद वापस ले लिया।
पूर्व विधायक बिरंची नारायण ने कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद ही बंद स्थगित किया गया। वहीं राज्य भाजपा महासचिव अमर कुमार बाउरी ने पीड़ित परिवार के लिए पच्चीस लाख रुपये के मुआवजे की पुरजोर मांग उठाई है।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच शुरू हुआ तीखा जुबानी तीर
भाजपा ने पुलिस और मेडिकल स्टाफ पर पोस्टमार्टम प्रक्रिया में बाधा डालने का भी गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी नेता एक जून को पीड़ित परिवार से मिलेंगे। वे इस मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष भी उठाएंगे।
दूसरी ओर कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विपक्षी दल भाजपा पर पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
सिन्हा ने कहा कि भाजपा इस संवेदनशील और दुखद घटना पर केवल अपनी सियासी रोटियां सेक रही है। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे पुलिस प्रशासन को बिना किसी बाहरी दबाव के निष्पक्ष जांच करने दें।
झारखंड में महिला सुरक्षा को लेकर फिर उठे गंभीर सवाल
इस हृदयविदारक घटना ने झारखंड में महिला सुरक्षा के दावों की एक बार फिर कलई खोल दी है। एक अजन्मे बच्चे और उसकी मां की इस तरह मौत होना समाज को झकझोर देने वाला विषय है।
पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि हमला सोची-समझी साजिश थी या अनियोजित। डॉक्टरों की अंतिम चिकित्सकीय रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।
स्थानीय लोग अब इस पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है।
Author: Rohit Mahato

