Health News: जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में फर्जी और झोलाछाप डॉक्टर लोगों की जिंदगी से सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो साल के भीतर ही ऐसे 400 फर्जी डॉक्टरों को नोटिस जारी कर तलब किया गया है। विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से अवैध क्लीनिक चलाने वालों में हड़कंप मच गया है।
स्वास्थ्य विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है। विभाग की टीमों ने कई इलाकों में छापेमारी कर अवैध रूप से चल रहे सेंटरों को सील भी किया है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य और जान से समझौता करने वाले इन जालसाजों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
इन मशहूर क्लीनिकों और डॉक्टरों पर दर्ज हुई FIR
स्वास्थ्य विभाग की जांच और छापेमारी के बाद कई बड़े और नामचीन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने इन फर्जी डॉक्टरों को चिन्हित कर उनके क्लीनिकों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रमुख नामों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है:
आजाद विहार के ‘शिफा क्लीनिक’ के संचालक एके मंसूरी और इसी इलाके के ‘बंगाली क्लीनिक’ के मंतोष पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। चर्च वाला रोड, दीपक विहार स्थित ‘बंगाली क्लीनिक’ के प्रितीष और नियर मदीना मस्जिद स्थित ‘लाइफ लाइन क्लीनिक’ के नदीम अख्तर व रमीज रजा पर भी एफआईआर हुई है।
इसके अलावा प्रताप विहार के ‘जनता डेंटल क्लीनिक’ के प्रताप सिंह और प्रगति विहार के ‘उम्मीद चेरिटेबल ट्रस्ट’ के जसवन्त व पूजा शर्मा के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है। वंदना एनक्लेव के ‘चेरिटेबल क्लीनिक’ के अनस और ‘मेडिकल एण्ड क्लीनिक’ के फिजल व कुमर तुर्की पर भी कानूनी गाज गिरी है।
दीपक विहार के ‘ममता क्लीनिक’ के एसके विश्वास, लेबर चौक के ‘राणा क्लीनिक’ के सैफ और खोड़ा लेबर चौक के पियूष कुमार के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। लोकप्रिय विहार के ‘फैमली हैल्थ क्लीनिक’ के सलीम और नरेश विहार के लल्लु सिंह पर भी पुलिस ने शिकंजा कस दिया है।
मास्टर पार्क लोधी चौक के ‘पासा क्लीनिक’ के कैफ और दीपक विहार स्थित ‘जनता क्लीनिक’ के राजेन्द्र कुमार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग इन सभी आरोपियों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने और इनके मेडिकल सेंटरों को हमेशा के लिए सील करने की तैयारी में है।
तबीयत बिगड़ने की शिकायत पर तुरंत एक्शन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, जब भी किसी झोलाछाप के गलत इलाज से मरीज की तबीयत खराब होने की सूचना या शिकायत मिलती है, तो विभाग तुरंत एक्शन लेता है। नोटिस जारी करने, भारी जुर्माना लगाने और एफआईआर दर्ज करने की यह प्रशासनिक कार्रवाई लगातार और सतत रूप से चलती रहती है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपनी बीमारी का इलाज केवल डिग्री धारक और पंजीकृत डॉक्टरों से ही करवाएं। किसी भी बिना डिग्री वाले झोलाछाप के झांसे में न आएं। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि एफआईआर के बाद इन फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
Author: Asha Thakur


