Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में सुबह 11:00 बजे से इस महाबैठक का आयोजन किया जाएगा। इस बार बैठक का मुख्य एजेंडा “विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रखा गया है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, प्रशासक और वरिष्ठ नीति निर्माता शामिल हो रहे हैं। केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने वाली इस बैठक में मानव विकास को नई रफ्तार देने के लिए चार प्रमुख सामाजिक और आर्थिक स्तंभों पर बहुत विस्तार से चर्चा की जाएगी।
प्रस्तुति के लिए ऑन-स्क्रीन टाइमर से रखी जाएगी नजर
बैठक में मजबूत मानव पूंजी निर्माण, भविष्य के अनुरूप कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता आधारित विकेंद्रीकृत मॉडल, स्वास्थ्य, पोषण एवं कल्याण और सभी नागरिकों के लिए समानता और गरिमा जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा। नीति आयोग ने इसके लिए प्रारंभिक बाल शिक्षा और उच्च शिक्षा सहित पांच अहम उप-विषय भी निर्धारित किए हैं।
गवर्निंग काउंसिल की इस बैठक में प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए एक अनोखा नियम लागू किया गया है। अपनी बात रखने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रमुखों को सिर्फ सात मिनट का समय दिया जाएगा। इन प्रस्तुतियों की सटीक निगरानी के लिए वहां एक आधुनिक ऑन-स्क्रीन टाइमर लगाया गया है।
डेटा गवर्नेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष जोर
नीति आयोग ने सभी राज्य सरकारों को अपने स्थानीय प्रशासन में डेटा गवर्नेंस और योजनाओं के क्रियान्वयन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन से निकले 136 नीतिगत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी।
इस एजेंडे के तहत देश भर में संचालित हो रही आंगनवाड़ियों और प्राथमिक स्कूलों के एकीकरण की महत्वाकांक्षी रणनीति पर भी चर्चा होगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस समय देश में 2.9 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र स्कूल परिसरों में सफलता से चल रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 30 हजार नए केंद्रों को इससे जोड़ा गया है।
कुपोषण के आंकड़ों में आई बड़ी गिरावट की समीक्षा
बैठक में बाल कुपोषण को दूर करने के क्षेत्र में मिली बड़ी राष्ट्रीय सफलता को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। देश में स्टंटिंग की दर 32.92 प्रतिशत से घटकर 29.73 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं अंडरवेट बच्चों की संख्या 14.03 प्रतिशत से घटकर केवल 12.23 प्रतिशत दर्ज की गई है।
इसके अतिरिक्त गंभीर रूप से पीड़ित वेस्टिंग वाले बच्चों का ग्राफ भी 4.81 प्रतिशत से घटकर 4.07 प्रतिशत रह गया है। इसका मुख्य कारण देश भर में लगभग 19,500 नई पोषण वाटिकाओं की स्थापना और विशेष क्षेत्रीय योजनाएं हैं। इस बदलाव को देश के मानव विकास के लिए बहुत सकारात्मक माना जा रहा है।
डिजिटल एकीकरण के तहत आयुष्मान और अपार आईडी लिंक
तकनीकी एकीकरण के बड़े कदम के तहत आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) आईडी और छात्रों की APAAR आईडी को अब सीधे पोषण ट्रैकर डिजिटल प्रणाली से जोड़ दिया गया है। वर्तमान में लगभग 42.8 प्रतिशत लाभार्थियों के आभा कार्ड और 28.6 प्रतिशत नागरिकों के अपार आईडी पूरी तरह बनाए जा चुके हैं।
इसके साथ ही कमजोर जनजातीय समूहों के लिए चल रही ‘प्रधानमंत्री जनमन’ योजना की भौतिक प्रगति की भी समीक्षा होगी। इसके तहत स्वीकृत 2,498 आंगनवाड़ी केंद्रों में से 2,486 केंद्र शुरू हो चुके हैं। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र-राज्य संबंधों को नया आयाम देगी।
Author: Gaurav Malhotra


