Mumbai News: सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘वेलकम’ अब अपने तीसरे पड़ाव ‘वेलकम टू द जंगल’ के साथ दर्शकों के बीच हाजिर है। अहमद खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में 34 कलाकार नजर आ रहे हैं। कहानी एक फिल्म बनाने के इर्द-गिर्द घूमती है, जो असल में मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) का एक बड़ा हिस्सा है।
फिल्म की कहानी जैनी (जैकलीन फर्नांडीज) और उसके पिता के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो एक नकली फिल्म के जरिए बड़े आर्थिक घपले की योजना बनाते हैं। इस काम के लिए वे अक्षय कुमार, परेश रावल और राजपाल यादव जैसे सितारों को साथ लाते हैं। शूटिंग के लिए पूरी टीम को एक खतरनाक जंगल वाले गांव में जाना पड़ता है।
जंगल में फंसी पूरी कलाकारों की टोली
शूटिंग के दौरान टीम का सामना स्थानीय डाकू ज़तारा (जैकी श्रॉफ) से होता है, जिसने पूरे इलाके में अपना आतंक फैला रखा है। गांव वाले कलाकारों को असली सेना मानकर मदद मांगते हैं। जब हकीकत सामने आती है, तब तक भागने का रास्ता बंद हो चुका होता है। विलेन ज़तारा की क्रूरता का असली शिकार पूरा गांव है।
कहानी में मोड़ तब आता है जब अक्षय कुमार को पता चलता है कि उनके पिता विजयेंद्र उसी गांव में बंधक बने हुए हैं। अक्षय का डबल रोल फिल्म को एक नया रोमांच देता है। वह अपने पिता और गांव वालों को बचाने के लिए भारतीय सेना की मदद लेते हैं और अंत में डाकू ज़तारा का सफाया कर देते हैं।
फिल्म का अंत और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन
फिल्म का क्लाइमेक्स काफी इमोशनल है, जहाँ पुराना सैनिक अपनी बहादुरी से गांव की बच्ची को बचाकर सुरक्षित भारत ले आता है। अंत में अक्षय की आवाज में पता चलता है कि जिस नकली फिल्म को उन्होंने शूट किया था, वह बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई। यह पूरी कहानी कॉमेडी और एक्शन का एक अनोखा मिश्रण है।
दर्शकों से ‘वेलकम टू द जंगल’ को मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिली हैं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसकी शुरुआत काफी मजबूत रही है। हालांकि, फिल्म की असली परीक्षा कामकाजी दिनों में होने वाली कमाई से तय होगी। फिलहाल, यह फिल्म अपनी कहानी और कलाकारों के अभिनय के चलते चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है और लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं।

