Uttarakhand News: ऊधमसिंह नगर जिले में पुलिस ने दो अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि इनका संबंध जम्मू-कश्मीर में सक्रिय प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ से जुड़े एक ओवरग्राउंड वर्कर से था। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
कार में मिले पांच अवैध असलहे और 344 कारतूस
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि बुधवार को सिडकुल फेस दो में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट कार को रोका। कार में दो युवक सवार थे। तलाशी में उनके पास से दो राइफल, दो तमंचे, एक रिवॉल्वर और 344 कारतूस मिले। आरोपियों की पहचान सितारगंज निवासी हरेन्द्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू (दोनों 27 वर्ष) के रूप में हुई।
हथियार चोरगलिया के जंगलों में छिपाने ले जा रहे थे
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ये अवैध असलहे चोरगलिया के जंगलों में छिपाने ले जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि इनके खिलाफ पहले भी शस्त्र अधिनियम के मामले दर्ज हैं। इस मामले में पुलभट्टा निवासी इंद्रजीत संधू और पवन संधू के नाम सामने आए हैं। ये दोनों हथियार तस्करी के नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
आतंकी संगठन अल बद्र के ओवरग्राउंड वर्कर से था संपर्क
एसएसपी ने बताया कि जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। साल 2021 में इन तस्करों ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां निवासी रेहान मीर उर्फ इरफान मीर को हथियारों की आपूर्ति की थी। रेहान प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ का ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) है। ऐसे लोग हथियार तो नहीं उठाते, लेकिन आतंकियों को रसद, आश्रय, नकदी और सुरक्षा बलों की हलचल की जानकारी मुहैया कराते हैं।
जम्मू-कश्मीर बैंक खातों से हो रहा था संदिग्ध लेनदेन
आरोपियों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की पड़ताल में पता चला कि रेहान सहित जम्मू-कश्मीर के विभिन्न बैंक खातों से लगातार संदिग्ध लेनदेन हो रहा था। रेहान और हनी पर दिल्ली विशेष प्रकोष्ठ में भी एक मामला दर्ज है। इस मामले में दोनों वांछित हैं। पुलिस रेहान के बारे में अधिक जानकारी जुटा रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और दिल्ली पुलिस से भी संपर्क किया गया है।
नेटवर्क के हर सदस्य के खिलाफ होगी कार्रवाई
एसएसपी गणपति ने कहा कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आतंकी वित्तपोषण और अवैध हथियार तस्करी के इस संदिग्ध नेटवर्क की गहन जांच जारी है। पुलिस इस नेटवर्क की तह तक पहुंचने और उसके हर सदस्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने तक अभियान जारी रखेगी।


