Chandigarh News: पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। अमेजन प्राइम वीडियो की नई वेब सीरीज ‘लुख्खे’ के एक वायरल वीडियो को लेकर यह बड़ा विवाद खड़ा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने अभिनेता के खिलाफ चंडीगढ़ में एफआईआर दर्ज की है।
क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह पर महिलाओं के प्रति बेहद अपमानजनक टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद समाज के विभिन्न वर्गों ने उनकी तीखी आलोचना की है। इसके बाद चंडीगढ़ के दो वकीलों ने शिकायत दर्ज कराई।
विवादित वीडियो वायरल होने पर बढ़ी अभिनेता की मुश्किलें
यह पूरा कानूनी विवाद वेब सीरीज ‘लुख्खे’ के एक खास दृश्य से शुरू हुआ है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि योगराज सिंह के फिल्मी किरदार ने एक महिला पुलिस अधिकारी पर बेहद आपत्तिजनक डायलॉग बोला है। यह बयान सीधे तौर पर महिलाओं के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाता है।
चंडीगढ़ के स्थानीय वकील उज्ज्वल भसीन और जतिन वर्मा ने इस मामले को लेकर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। मामला बढ़ता देख अभिनेता योगराज सिंह ने तुरंत कानूनी राहत के लिए जिला अदालत का रुख किया है। उन्होंने कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है।
योगराज सिंह के कानूनी सलाहकार ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल सिर्फ एक काल्पनिक भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने केवल निर्देशक की स्क्रिप्ट के अनुसार ही अभिनय किया है। उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना बिल्कुल नहीं था।
अदालत ने राज्य सरकार को भेजा नोटिस, अगली सुनवाई जल्द
अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले पर विस्तृत जवाब मांगा है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, इस अग्रिम जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 20 मई को की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर योगराज सिंह के छोटे बेटे विक्टर सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर अभी खुलकर कुछ भी कहने से पूरी तरह इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार इस समय वरिष्ठ वकीलों से कानूनी सलाह ले रहा है।
विक्टर सिंह ने कहा कि परिवार जल्दबाजी में कोई भी गलत बयान जारी नहीं करना चाहता है। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि एक पेशेवर कलाकार हमेशा दी गई स्क्रिप्ट के दायरे में ही काम करता है। हालांकि, उन्होंने विवादित संवाद को लेकर पिता का सीधा बचाव नहीं किया।
Author: Raj Thakur

