Haryana News: परिवार के किसी करीबी का भरोसा तोड़कर की गई ठगी का एक और मामला सामने आया है। अंबाला छावनी के तोपखाना बाजार निवासी युवक से उसके मामा के बेटे ने ही निवेश का झांसा देकर 64 लाख रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया। पीड़ित ने इस धोखाधड़ी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। यह घटना न केवल व्यक्तिगत विश्वास को तोड़ती है बल्कि बढ़ते लोन फ्रॉड के खतरे को भी उजागर करती है, जहां रिश्तेदार ही निवेश का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं।
लोन दिलाने का झांसा देकर ऐसे बनाया शिकार
पीड़ित ईशान वासुदेव ने पुलिस को बताया कि वह नोएडा में एक निजी कंपनी में कार्यरत है और उसे 85 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता है। उसके मामा का बेटा अभिषेक रान्याल, जो गुरुग्राम में अमेरिकन एक्सप्रेस में नौकरी करता है, मार्च 2025 में उससे मिलने नोएडा आया। इस दौरान उसने कंपनियों में बड़ी रकम निवेश की बात कही। आरोपी ने पीड़ित को बताया कि वह उसके लिए बैंकों से ऋण दिलवा देगा और उसकी पूरी किश्तें खुद चुकाएगा।
आरोपी ने पीड़ित को यह भी बताया कि वह एबेकस क्लाउड कंपनी में निवेश करेगा और ऋण राशि पर ब्याज भी खाते में जमा करता रहेगा। उसने पीड़ित से उसके डिजिटल हस्ताक्षर ले लिए और बैंकों से उसके नाम पर ऋण स्वीकृत करवाना शुरू कर दिया। इस तरह से उसने पीड़ित को केवल नोएडा स्थित बंधन बैंक शाखा में ले जाकर कई हस्ताक्षर करवाए। यह धोखाधड़ी का एक क्लासिक उदाहरण है, जहां निवेश का झांसा देकर लोगों से उनकी सहमति से ऋण ले लिया जाता है।
अप्रैल से अगस्त तक चुकाए ब्याज के बाद बंद किए भुगतान
आरोपी ने पीड़ित को छह महीने तक लगातार लेनदेन दिखाने के बाद ही बड़ी रकम का ऋण दिलाने की बात कही। इसके बाद उसने कई बैंकों से अलग-अलग तारीखों पर ऋण राशि निकाली। 5 अप्रैल को 12 लाख रुपये और 11,92,920 रुपये, 10 अप्रैल को 13,72,184 रुपये, 13,42,130 रुपये, 13,35,765 रुपये और 12,99,880 रुपये लिए गए। इसी तरह 16 अप्रैल को 12 लाख और 11,89,130 रुपये, 24 अप्रैल को 13 लाख रुपये और 12,85,585 रुपये लेकर कुल 64,07,949 रुपये का ऋण लिया गया, जिसमें से 63,09,645 रुपये जमा कर दिए गए।
आरोपी ने अप्रैल से अगस्त तक ही ऋण पर ब्याज का भुगतान किया और उसके बाद अचानक ब्याज का भुगतान बंद कर दिया। जब पीड़ित ने इसका कारण पूछा, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इससे पीड़ित सितंबर 2025 से लेकर अब तक उक्त ऋण राशि का ब्याज जमा करने के लिए मजबूर है। भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में बैंक धोखाधड़ी का कुल मूल्य तीन गुना बढ़कर 36,014 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें ऋण से जुड़ी धोखाधड़ी का बड़ा हिस्सा है।
रिश्तेदारों से सतर्क रहने की जरूरत
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे रिश्तेदार या करीबी लोग भी भरोसे का फायदा उठाकर लोन फ्रॉड को अंजाम दे सकते हैं। आरोपी ने न केवल पीड़ित का भरोसा तोड़ा बल्कि उसे आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में सबसे पहले पीड़ित को तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए और सभी दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए। पीड़ित ने भी इसी जागरूकता का परिचय देते हुए अंबाला पुलिस में मामला दर्ज कराया है, जिसने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, उन्होंने मध्यप्रदेश के भोपाल के मिनल रेजिडेंसी जेके रोड मोहनी राज अपार्टमेंट निवासी अभिषेक रान्याल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है। साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश का झांसा देकर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और लोगों को ऐसे प्रलोभनों से बचना चाहिए। इसके अलावा, किसी भी तरह के ऋण या निवेश से पहले उसकी पूरी जांच कर लेनी चाहिए।
बढ़ रहे हैं लोन फ्रॉड के मामले, सतर्कता ही बचाव
भारत में लोन फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जहां लोगों को आसान ऋण या अधिक रिटर्न का झांसा देकर ठगा जा रहा है। विशेष रूप से कोविड महामारी के बाद, लोग तेजी से पैसा कमाने के लालच में फंस रहे हैं। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में भारत में लोन फ्रॉड के मामलों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग धोखाधड़ी की कुल राशि ₹36,014 करोड़ हो गई है, जो पिछले वर्ष ₹12,230 करोड़ थी।
इसलिए, किसी भी अनजान व्यक्ति या यहां तक कि रिश्तेदारों के कहने पर बिना सोचे-समझे निवेश न करें और न ही अपने डिजिटल हस्ताक्षर किसी को दें। अगर कोई व्यक्ति आपको अधिक लाभ का वादा करता है, तो उसके बारे में पूरी जांच करने के बाद ही कोई निर्णय लें। पीड़ित ने भी अब इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और लोगों को इस तरह की घटनाओं से सतर्क रहने की जरूरत है।


