New Delhi News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली-एनसीआर के नामी बिल्डर रहेजा डेवलपर्स और इसके प्रमोटर नवीन एम. रहेजा के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। घर खरीदारों के साथ हुई कथित धोखाधड़ी के मामले में जांच एजेंसी ने करीब 503 करोड़ रुपये की नई संपत्तियों को कुर्क (अटैच) कर लिया है।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने मनी लांड्रिंग (धन शोधन) रोधी कानून के तहत एक ताजा अस्थायी अटैचमेंट आदेश जारी किया है। ईडी ने सोमवार को आधिकारिक बयान में कहा कि कुर्क की गई संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 503.48 करोड़ रुपये है, जिसमें नवीन रहेजा और उनके परिवार की संपत्तियां शामिल हैं।
यह पूरी जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकियों (एफआइआर) के बाद शुरू हुई है। कंपनी द्वारा शुरू की गई विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में फ्लैट बुक कराने वाले बड़ी संख्या में परेशान घर खरीदारों ने धोखाधड़ी की गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं।
ईडी की तफ्तीश में सामने आया है कि रहेजा डेवलपर्स ने अपनी अलग-अलग हाउसिंग परियोजनाओं के नाम पर लगभग 4,600 घर खरीदारों से 2,425.99 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जुटाई थी। इसके बाद इस फंड का इस्तेमाल वादे के मुताबिक प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में नहीं किया गया।
प्रोजेक्ट्स अधर में छोड़ दूसरे कामों में उड़ाए जनता के करोड़ों रुपये
जांच एजेंसी ने कंपनी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि तफ्तीश के दौरान मिले पुख्ता साक्ष्यों से साफ पता चलता है कि जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे को अवैध तरीके से दूसरे उद्देश्यों के लिए मोड़ा गया। इस पैसे का उपयोग उन परियोजनाओं के विकास और उन्हें समय पर पूरा करने के लिए बिल्कुल नहीं हुआ।
ईडी ने अपनी जांच में बड़े पैमाने पर हुए इस वित्तीय हेरफेर (फंड डायवर्जन) का पर्दाफाश किया है। अपराध की इस काली कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का पता लगाने और निवेशकों के पैसे को सुरक्षित करने के प्रयासों के तहत ही इन सभी कीमती संपत्तियों को कानूनी रूप से फ्रीज किया गया है।
बिल्डर ने आरोपों को नकारा, फोरेंसिक ऑडिट का दिया हवाला
दूसरी तरफ, रहेजा डेवलपर्स ने अपने ऊपर लगे धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया है कि किसी भी घर खरीदार के साथ कोई गलत काम या वित्तीय हेराफेरी नहीं की गई है।
बिल्डर ने दलील दी है कि रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड ने अपनी परियोजनाओं में ग्राहकों से एकत्रित किए गए धन से कहीं अधिक पैसा निवेश किया है। कंपनी के अनुसार यह तथ्य हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) की सीधी निगरानी में किए गए फोरेंसिक ऑडिट में भी पूरी तरह प्रमाणित हो चुका है।
अब तक कुल ₹1,617 करोड़ की संपत्तियां हो चुकी हैं कुर्क
कंपनी का कहना है कि ग्राहकों के धन का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ है। विदित हो कि इससे पहले अप्रैल महीने में भी जांच एजेंसी ने रहेजा डेवलपर्स, इसके प्रमोटर नवीन एम. रहेजा और उनके परिवार के सदस्यों की करीब 1,113.81 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया था।
ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ताजा कार्रवाई में जब्त की गई 503.48 करोड़ रुपये की संपत्ति को मिलाकर इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुर्क की जा चुकी संपत्तियों का कुल अनुमानित बाजार मूल्य 1,617.29 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
Author: Raj Thakur


