Himachal Pradesh News: शिमला के संजौली में एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया। इस मामले में खुद कानून हाथ में लेकर आरोपितों का सरेआम बाजार में जुलूस निकालने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने देवभूमि संघर्ष समिति के दो मुख्य पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है।
संजौली निवासी शिकायतकर्ता अजीज मिर्जा ने पुलिस थाने में इस संबंध में मामला दर्ज करवाया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि संजौली बाजार में उसकी दर्जी की दुकान है। वहां उसके साथ आफताब नामक एक अन्य युवक भी काम करता है। शनिवार को कुछ लोग जबरन उसकी दुकान के अंदर घुस आए।
दर्जी की दुकान में तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार वे लोग अपने साथ एक युवती को लाए थे और उससे पहचान को लेकर सवाल पूछ रहे थे। जब युवती ने उन्हें पहचानने से पूरी तरह मना कर दिया, तो उन लोगों ने दुकान में मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की तारें भी तोड़ दीं।
आरोप है कि हमलावर दोनों कर्मियों को घसीटते हुए दुकान से बाहर सड़क तक ले गए। वहां उनके साथ सरेआम मारपीट की गई और जमकर नारेबाजी की गई। इससे पहले पीड़ित नाबालिग लड़की की शिकायत पर महिला थाना शिमला में मुख्य आरोपित उबैद के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जा चुका था।
कानून हाथ में लेने पर पुलिस की सख्त कार्रवाई
पीड़िता ने अपनी शिकायत या बयान में इन दोनों दुकानदारों के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया था। हालांकि पुलिस इस मामले में उनकी भूमिका की जांच अभी भी कर रही है। इसी दौरान देवभूमि संघर्ष समिति के लोगों ने गैरकानूनी तरीके से जांच को प्रभावित करने की कोशिश की।
पुलिस ने कानून हाथ में लेने के आरोप में समिति के पदाधिकारी मदन ठाकुर और विजय शर्मा को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस प्रशासन ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है।
Author: Raj Thakur


