Himachal Pradesh News: विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भारी उत्साह देखने को मिला है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने समस्त जनता से प्रकृति को बचाने के लिए अपनी नैतिक जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभाने का बड़ा आह्वान किया है।
प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने शिमला में कहा कि यह विशेष दिन हमें प्रकृति के प्रति अपने महत्वपूर्ण दायित्वों की याद दिलाता है। हिमाचल प्रदेश को कुदरत ने कई अनमोल और खूबसूरत उपहारों से नवाजा है। यहां के घने जंगल, स्वच्छ नदियां और ऊंचे हिमाच्छादित पर्वत पूरे देश में हमारी असली पहचान हैं।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनता से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना केवल पर्यावरण की रक्षा करना नहीं है। यह कदम हमारी आने वाली भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव रखता है, जिसे जन आंदोलन बनाना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हिमाचल की वास्तविक पहचान विशाल पर्वतों और शुद्ध हवा में बसती है। प्रकृति ने हमें यह अनुपम धरोहर सौंपी है। इसे सहेजना हमारा परम कर्तव्य है। आइए, मिलकर इस समृद्ध विरासत की पवित्रता को हमेशा अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लें।
ऐतिहासिक रिज मैदान पहुंचे राज्यपाल ने दिया खास संदेश
दूसरी तरफ शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में आयोजित विशेष मिनी मैराथन में राज्यपाल कवींद्र गुप्ता हिस्सा लेने पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने लाउडस्पीकर के शोर पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी सामाजिक अभियान को सफल बनाने में जनभागीदारी सबसे आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि जब तक समाज स्वयं आगे बढ़कर हिस्सा नहीं लेगा, तब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकती। विभिन्न सरकारी विभागों ने जिस प्रकार आम जनता को इस महत्वपूर्ण अभियान से जोड़ा है, उसके बेहद सकारात्मक परिणाम अब सबके सामने आ रहे हैं, जो एक सुखद संकेत है।
प्लास्टिक प्रदूषण के खात्मे के लिए खुद से करें शुरुआत
कार्यक्रम में फैले कूड़े-कचरे और हानिकारक प्लास्टिक प्रदूषण के गंभीर मुद्दे पर भी राज्यपाल ने अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस विकराल समस्या के स्थाई समाधान के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। हर नागरिक को बदलाव की शुरुआत सबसे पहले स्वयं अपने घर से करनी चाहिए।
इसके साथ ही राज्यपाल ने डिजिटल जनगणना के विषय पर देश की जनता को एक बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने एक जून से पंद्रह जून तक सभी नागरिकों को स्व-गणना यानी खुद का विवरण दर्ज करने की आधुनिक और बेहतरीन डिजिटल सुविधा प्रदान की है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समय रहते पोर्टल पर अपना ऑनलाइन सत्यापन कर पंजीकरण अवश्य करवाएं। भविष्य में देश की विभिन्न लोक कल्याणकारी विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में इन सटीक आंकड़ों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होगी, इसलिए सभी लोग इस प्रक्रिया में भाग लें।
Author: Sunita Gupta


