Dehradun News: उत्तराखंड के देहरादून जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। सेलाकुई थाना क्षेत्र के भाऊवाला में एक विवाहिता को उसके ही ससुराल वालों ने पिछले 10 महीनों से कमरे और शौचालय में बंद कर बंधक बना रखा था।
कच्चा चावल और प्याज देकर ढाए जुल्म
पीड़िता के पिता ने सेलाकुई थाने में रोते हुए अपनी बेटी की आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि जुलाई दो हजार पच्चीस से मई दो हजार छब्बीस तक उनकी बेटी के साथ ससुराल में जानवरों जैसा बर्ताव किया गया। उसे खाने में सिर्फ कच्चा चावल, प्याज, नमक और हरी मिर्च दी जाती थी।
आरोप है कि इस क्रूरता के दौरान ससुराल वालों ने विवाहिता को लोहे की रॉड, कुर्सी और वाइपर से बेरहमी से पीटा। प्रताड़ना का आलम यह था कि उसके सिर के बाल तक उखाड़ दिए गए। इस पूरे 10 महीने की अवधि के दौरान मायके वालों को न तो बेटी से मिलने दिया गया और न ही फोन पर बात करने दी गई।
ग्राम प्रधान ने कराया आजाद, जुड़वा बच्चों से रखा अलग
विवाहिता ने फरवरी दो हजार पच्चीस में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था, लेकिन जन्म के तुरंत बाद ही उसे उसके मासूम बच्चों से अलग कर दिया गया। जब मायके पक्ष के लोग काफी कोशिशों के बाद ग्राम प्रधान को साथ लेकर ससुराल पहुंचे, तब जाकर गंभीर हालत में महिला को कमरे से बाहर निकाला जा सका।
लगातार बंद रहने और भयंकर मानसिक प्रताड़ना के कारण पीड़िता की मानसिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। वह दिन, महीना और तारीख तक सब कुछ भूल चुकी है। जब मायके वाले वहां पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी जमकर गाली-गलौज की और घर में घुसने से रोकने की पूरी कोशिश की।
पति समेत सास-ससुर पर संगीन धाराओं में केस दर्ज
थानाध्यक्ष लोकपाल परमार के मुताबिक, पुलिस ने इस वीभत्स मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर मुख्य आरोपी पति राहुल, सास और ससुर के खिलाफ घर में अवैध रूप से कैद रखने, जानलेवा मारपीट करने, मानसिक प्रताड़ना देने और धमकी देने की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
Author: Raj Thakur


