Lalitpur News: उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शादी के नाम पर एक शातिर दुल्हन ने पूरे परिवार को नशीला पदार्थ खिलाकर लूट लिया। बार थाना क्षेत्र के मर्रौली गाँव में घटी इस वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। लुटेरी दुल्हन ने शादी के महज कुछ दिनों के भीतर ही घर के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
पुलिस की मुस्तैदी के चलते इस हाईप्रोफाइल मामले का चंद दिनों में खुलासा हो गया है। ललितपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें वह ‘लुटेरी दुल्हन’ भी शामिल है। पुलिस ने इन बदमाशों के कब्जे से करीब 5 लाख रुपये का माल और वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
शादी के सपने का खतरनाक जाल
यह संगठित गिरोह उन पुरुषों को अपना निशाना बनाता था, जिनकी शादी में देरी हो रही होती थी। गिरोह के सदस्य ‘साहब सिंह’ ने मर्रौली निवासी रहीश को झांसे में लिया। उसने ‘पूजा’ नामक महिला को ‘रागिनी’ बनाकर पेश किया। बीते 11 मई को फर्जी दस्तावेजों के सहारे कोर्ट मैरिज कराई गई। यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसका मकसद केवल लूटपाट था।
शादी के बाद 13/14 मई की रात रागिनी ने खाने में नशीला पाउडर मिलाकर पूरे परिवार को बेहोश कर दिया। बेहोशी का फायदा उठाकर उसने घर की अलमारियां खंगालीं और नकदी व जेवरात लेकर रफूचक्कर हो गई। सुबह जब परिवार को होश आया, तो वे खुद को ठगा हुआ पाकर दंग रह गए। इसके बाद पीड़ित परिवार ने बार थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई और गिरोह का कच्चा चिट्ठा
एसपी के निर्देशन में बार पुलिस, स्वॉट और सर्विलांस टीम ने जाल बिछाकर इस गिरोह को पकड़ा। पकड़े गए आरोपियों में उदयभान, पूजा गौतम (रागिनी), विजय, बैजन्ती, वंदना, आरती, किरण पाल और दिनेश कुमार शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका एक संगठित गैंग है, जो शादी के बहाने पुरुषों को लूटकर माल आपस में बांट लेते हैं।
पुलिस द्वारा बरामद सामान में चाँदी की करधनी, बिछिया, पायल, मंगलसूत्र और अन्य आभूषण शामिल हैं। इस गिरोह का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। वंदना, बैजन्ती, उदयभान और किरण पाल जैसे सदस्यों पर मिर्जापुर, प्रतापगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्यों में अलग-अलग आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं।
पुलिस टीम की त्वरित सफलता
इस केस को सुलझाने में प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र मिश्र, उपनिरीक्षक अतुल तिवारी (स्वॉट टीम) और उपनिरीक्षक अरुण पवार (सर्विलांस टीम) की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस की सक्रियता ने न केवल इस लुटेरे गिरोह को जेल पहुँचाया, बल्कि अन्य कुंवारों को भी ऐसी साजिशों से आगाह कर दिया है। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।
Author: Raj Thakur

