Himachal Pradesh News: प्रदेश की राजधानी शिमला में प्रतिबंधित सड़कों पर पुलिस प्रशासन की बढ़ती सख्ती के खिलाफ वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा है। सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं ने सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी वकील अब सीधे मुख्यमंत्री से आमने-सामने बातचीत करने की जिद पर अड़ गए हैं।
ओक ओवर से सचिवालय तक वकीलों का हल्ला बोल
गुस्साए अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर से सचिवालय तक एक विशाल रोष रैली निकाली। इसके बाद वकीलों ने सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी जायज व्यावहारिक समस्याओं को लंबे समय से लगातार अनसुना किया जा रहा है। अब वे किसी भी प्रशासनिक अधिकारी से बात नहीं करेंगे। वकीलों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं बाहर आकर वार्ता नहीं करेंगे, तब तक धरना जारी रहेगा।
प्रतिबंधित मार्गों के कड़े नियमों से वकील परेशान
अधिवक्ताओं के इस अचानक उग्र प्रदर्शन के कारण सचिवालय के आसपास की यातायात व्यवस्था बुरी तरह ठप हो गई। कई मुख्य रास्तों पर वाहनों की रफ्तार थम गई, जिससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। बिगड़ती कानून व्यवस्था को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
आंदोलनकारी वकीलों का आरोप है कि प्रतिबंधित मार्गों पर लागू जटिल नियमों से उनके दैनिक अदालती कार्य प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय प्रशासन उनकी व्यावहारिक दिक्कतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है। वकील इस समस्या का स्थाई समाधान चाहते हैं और मुख्यमंत्री के आश्वासन के बिना पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
Author: Sunita Gupta


