Hapur News: उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां सभी नियम-कायदों को पूरी तरह ताक पर रखकर मिट्टी और रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। इस अवैध धंधे से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
खनन क्षेत्र से बिना तिरपाल ढके तेज रफ्तार में दौड़ रहे डंपरों के कारण सड़कों पर भारी धूल उड़ रही है। इससे आम जनता का जीना मुहाल हो गया है, वहीं दूसरी ओर गंगा नदी में हो रहे अवैध रेत खनन से जलीय जीवों के अस्तित्व पर भी एक बड़ा संकट मंडराने लगा है।
रामसर साइट घोषित होने के बावजूद धड़ल्ले से हो रहा अवैध शिकार और खनन
उल्लेखनीय है कि गंगा को पूरी तरह निर्मल बनाने और डॉल्फिन, कछुए तथा घड़ियाल जैसे दुर्लभ जलीय जीवों को संरक्षित करने के लिए एक विशेष पहल की गई थी। इसके तहत हस्तिनापुर से लेकर नरौरा तक के करीब 84 किलोमीटर लंबे गंगा क्षेत्र को रामसर साइट घोषित किया गया था।
नियमों के अनुसार गंगा नदी के दोनों तरफ दो किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का रेत खनन, फसल उगाना, मछली पकड़ना और प्रदूषण फैलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की कथित मिलीभगत से यहां रोजाना सुबह से शाम तक यह प्रतिबंधित कार्य बिना रोक-टोक जारी है।
प्रतिदिन 50 से अधिक बुग्गियों से रेत निकालकर किया जा रहा है स्टॉक
खनन माफिया गंगा की कोख से पहले छोटी बुग्गियों के माध्यम से अवैध रूप से रेत निकालकर एक जगह स्टॉक करते हैं। इसके बाद इस अवैध रेत को ट्रैक्टर ट्रॉली, डंपर, कैंटर और ट्रकों जैसे बड़े वाहनों में लादकर ऊंचे दामों पर बाजारों में खुलेआम बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है।
यह काम कोई चोरी-छिपे नहीं हो रहा है, बल्कि प्रतिदिन 50 से अधिक बुग्गी संचालक सुबह चार बजे से ही इस अवैध कार्य में जुट जाते हैं। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में बुग्गियों में क्षमता से अधिक रेत लाद दी जाती है, जिससे कई बार बेजुबान जानवर पानी और कीचड़ में फंस जाते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, एसडीएम ने दिए जांच के सख्त आदेश
इस क्रूरता और अवैध खनन के कई वीडियो समय-समय पर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। हाल ही में एक और नया वीडियो इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें रेत से भरी एक बुग्गी के गंगा नदी में फंसने के बाद एक बेजुबान गोवंश बुग्गी के नीचे बुरी तरह दबा हुआ दिखाई दे रहा है।
डंपरों से उड़ती धूल राहगीरों की आंखों में गिरती है, जिससे इस मार्ग पर आए दिन गंभीर सड़क दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। इस पूरे मामले पर गढ़मुक्तेश्वर के एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि वीडियो की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अवैध कार्य तुरंत रोके जाएंगे।

