‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत देश का पहला मुकदमा मीरजापुर में दर्ज, सरकारी बैठक में हंगामा करने पर प्राथमिकी

Mirzapur News: देश में ‘वीबी-जी राम जी’ योजना लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में इससे संबंधित पहला आपराधिक मामला सामने आया है। यहां के संतनगर थाना क्षेत्र के पड़रिया खुर्द ग्राम सचिवालय में योजना की खुली बैठक के दौरान कुछ लोगों ने जमकर हंगामा किया और सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए।

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इस गंभीर मामले में ग्राम प्रधान और गांव के प्रशासक की तहरीर पर पुलिस ने शुक्रवार को दो नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बृहस्पतिवार दोपहर को ग्राम पंचायत की बैठक चल रही थी, तभी गांव के रिंकू और गौतम नामक दो व्यक्तियों ने मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर विवाद शुरू कर दिया।

हाथापाई और सरकारी दस्तावेज फाड़ने के आरोप में दो पर एफआईआर

विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों आरोपियों ने वहां मौजूद अधिकारियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी और मेज पर रखे महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों को फाड़ डाला। गांव के प्रशासक राजेश पटेल ने संतनगर थाने में शिकायत देकर दोनों उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और उन्हें दंडित किए जाने की मांग की है।

संतनगर के थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत की आधिकारिक बैठक में सरकारी कार्य में बाधा डालने और दुर्व्यवहार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन इस नई योजना को सुचारू रूप से चलाने और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रहा है।

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जानिए क्या है ‘वीबी-जी राम जी’ योजना और इसके नए नियम

आपको बता दें कि ‘वीबी-जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना, जिसे ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन – ग्रामीण’ भी कहा जाता है, पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू हो चुकी है। इस नई महत्वाकांक्षी योजना ने अब पूर्ववर्ती मनरेगा (MGNREGA) का स्थान ले लिया है।

इस नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को अब साल में 100 दिनों के बजाय पूरे 125 दिनों के अकुशल रोजगार की पक्की गारंटी दी जाएगी। यदि किसी आवेदक को फॉर्म भरने के 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है, तो उसे नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी जारी रहेगा।

₹300 न्यूनतम मजदूरी और पुराने जॉब कार्ड की मान्यता पर बड़ा अपडेट

नए नियमों के अनुसार, अब श्रमिकों के लिए प्रतिदिन न्यूनतम ₹300 तक की मजदूरी तय की गई है। हालांकि, यह राशि अलग-अलग राज्यों के मानकों के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के पुराने ई-केवाईसी (e-KYC) प्रमाणित जॉब कार्ड इस नई योजना में भी पूरी तरह मान्य रहेंगे।

ये पुराने कार्ड तब तक काम करेंगे, जब तक विभाग द्वारा नए ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी नहीं कर दिए जाते। मीरजापुर में इस योजना के तहत पहला मुकदमा दर्ज होना यह दिखाता है कि जमीनी स्तर पर इसके कार्यान्वयन में चुनौतियां आ रही हैं, जिससे निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

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