Faridabad News: हरियाणा की फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) सेक्टर-48 ने शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से पति-पत्नी समेत पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी परिवार बनकर लोगों को ठगता था।
गोरक्षा बजरंग फोर्स के अध्यक्ष के साथ की थी धोखाधड़ी
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने करीब चार महीने पहले गोरक्षा बजरंग फोर्स के अध्यक्ष राजकुमार पांचाल उर्फ बिट्टू बजरंगी को अपना शिकार बनाया था। आरोपियों ने पीड़ित को शादी का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में कुल 40 हजार रुपये की रकम ऐंठ ली और फरार हो गए।
पीड़ित की शिकायत के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों ने पहले उसे लड़की दिखाने के बहाने कई बार अलीगढ़ बुलाया। बाद में मोबाइल पर एक युवती की तस्वीर भेजी गई। रिश्ता पक्का करने के नाम पर आरोपी पीड़ित के घर पहुंचे और शगुन के तौर पर 11 हजार रुपये ले लिए।
मंदिर में शादी का झांसा देकर आरोपी हुए थे फरार
आरोपियों ने शादी की रस्मों को आगे बढ़ाने के लिए पीड़ित से 30 हजार रुपये और लिए। उन्होंने 7 सितंबर को अलीगढ़ के एक मंदिर में शादी की तारीख तय की थी। पीड़ित जब तय समय पर परिजनों के साथ मंदिर पहुंचा, तो वहां कोई नहीं मिला और आरोपी फोन बंद कर भाग चुके थे।
इसके बाद पीड़ित ने सारन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अपराध शाखा को सौंपी। तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश में दबिश देकर पांचों आरोपियों को धर दबोचा।
पड़ोसी के माध्यम से हुई थी इस गिरोह की एंट्री
पकड़े गए आरोपियों की पहचान दानिश चमन, उसकी पत्नी महविश दानिश, सचिन, संजीव और प्रदीप के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस खेल की शुरुआत पीड़ित के एक परिचित बंटी के जरिए हुई थी, जिसने शादी कराने वाली मुख्य आरोपी रानी उर्फ लक्ष्मी से संपर्क कराया था।
रानी ने अपने गिरोह के साथ मिलकर पीड़ित को फंसाने का पूरा ताना-बाना बुना था। इसमें महविश दानिश को फर्जी दुल्हन बनाया गया था। वहीं प्रदीप को चाचा, संजीव को काका, सचिन को बिचौलिया और दानिश चमन को लड़की का भाई बनाकर पेश किया गया था।
गिरोह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने
पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह पेशेवर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। फर्जी दुल्हन बनी महविश दानिश पहले भी इसी तरह की धोखाधड़ी के दो मामलों में जेल जा चुकी है। वहीं आरोपी प्रदीप भी अलीगढ़ और डासना जेल में बंद रह चुका है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह की मुख्य सूत्रधार रानी उर्फ लक्ष्मी की तलाश में जुटी है। इसके साथ ही अन्य राज्यों में इनके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

