Chandigarh News: हरियाणा रेडक्रॉस सोसाइटी ने राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के खेल में चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। कालका एसडीएम कार्यालय में निरीक्षण के दौरान फर्जी बेसिक रोड सेफ्टी और फर्स्ट एड सर्टिफिकेट पकड़े गए हैं। इस खुलासे के बाद चंडीगढ़ मुख्यालय ने सभी जिलों को जांच के आदेश दिए हैं।
अभिलेखों के मिलान में सामने आई सर्टिफिकेट्स की हेराफेरी
जिला रेडक्रॉस सोसाइटी पंचकूला के जिला प्रशिक्षण अधिकारी ईशांक कौशिक के नेतृत्व में एक टीम 23 जून 2026 को कालका एसडीएम कार्यालय पहुंची थी। टीम ने जब लाइसेंस फाइलों के साथ लगे प्रमाण पत्रों का मिलान विभागीय रिकॉर्ड से किया, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। जांच में चार आवेदकों के सर्टिफिकेट पूरी तरह फर्जी पाए गए।
तकनीकी समन्वयक परवीन कुमार और सुशील कुमार की टीम ने जांच में पाया कि ये जाली दस्तावेज दलालों के जरिए तैयार कराए गए थे। इन प्रमाण पत्रों का रेडक्रॉस सोसाइटी के आधिकारिक रिकॉर्ड से कोई मेल नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने तुरंत विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दी।
मुख्यालय ने लिया कड़ा संज्ञान, एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
हरियाणा रेडक्रॉस सोसाइटी के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी ने इस गंभीर धोखाधड़ी पर तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने पंचकूला सचिव को इस मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही फर्जी दस्तावेज बनाने वाली बाहरी एजेंसियों और दलालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका या अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी। सभी जिला सचिवों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में प्रमाण पत्रों की सघन जांच करें। गड़बड़ी मिलने पर दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

