Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की होनहार बेटी देवांशी शर्मा ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। वह अपने पूरे क्षेत्र से वायुसेना में इस शीर्ष पद पर कमीशन प्राप्त करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं।
नादौन के छोटे से गांव की रहने वाली हैं देवांशी
देवांशी शर्मा नादौन विधानसभा क्षेत्र की नौहंगी पंचायत के समहूं गांव की मूल निवासी हैं। उनके पिता राजेश शर्मा एनटीपीसी में बतौर इंजीनियर कार्यरत हैं और माता नीना शर्मा गृहिणी हैं। देवांशी ने अपनी इस ऐतिहासिक कामयाबी से पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी से पूरी की पढ़ाई
मेधावी छात्रा देवांशी ने स्कूल के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से भौतिकी ऑनर्स में बीएससी की डिग्री ली थी। इसके बाद उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में मास्टर डिग्री पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी एएफसीएटी परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
सेना के कर्नल नाना से मिली देश सेवा की प्रेरणा
देवांशी का परिवार पहले से ही रक्षा सेवाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्हें वायुसेना में शामिल होने की असली प्रेरणा अपने नाना सेवानिवृत्त कर्नल रोशन लाल शर्मा से मिली थी। वह बचपन से ही देश की सुरक्षा के लिए सेना की वर्दी पहनने का सपना देखा करती थीं।
पासिंग आउट परेड में माता-पिता ने पहनाए स्टार्स
जून 2025 में तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित एयरफोर्स अकादमी में उनका कड़ा प्रशिक्षण शुरू हुआ था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 13 जून 2026 को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में उन्हें अधिकारी का रैंक मिला। समारोह के दौरान माता-पिता ने गर्व से उनके कंधों पर बैज लगाए।
हिमाचल गौरव पुरस्कार विजेता की लाडली पौत्री
फ्लाइंग ऑफिसर देवांशी शर्मा सेवानिवृत्त जोनल डायरेक्टर डॉ. ओपी शर्मा की पौत्री हैं। डॉ. शर्मा को वर्ष 2026 में ही हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रतिष्ठित हिमाचल गौरव पुरस्कार से नवाजा था। दादा के बाद अब पोती की इस बड़ी कामयाबी से पूरा इलाका जश्न मना रहा है।
Reported By: Sunita Gupta


