Himachal News: हिमाचल प्रदेश की एक विशेष अदालत ने नशे के काले कारोबार से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 18 महीने के कड़े कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही न्यायधीश ने दोषी पर भारी जुर्माना भी लगाया है।
सीबीआई विशेष अदालत ने सुनाया सजा का अंतिम फैसला
यह पूरा मामला शिमला जिले के ठियोग थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने वर्ष 2019 में ठियोग इलाके में नशा तस्करी का एक मुख्य केस दर्ज किया था। इस मामले की लंबी सुनवाई सीबीआई की विशेष अदालत के माननीय न्यायाधीश के समक्ष पूरी की गई।
मामले के अनुसार ठियोग पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 और 29 के तहत आपराधिक एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने कोटखाई तहसील के पटागण गांव निवासी सुरेश कुमार पुत्र नारायण दास को इस केस में मुख्य आरोपी बनाया था और जांच शुरू की थी।
पुलिस के पुख्ता सबूतों के आगे पस्त हुआ नशा तस्कर
ठियोग पुलिस टीम ने केस की गहन जांच के दौरान अदालत के लिए बेहद जरूरी और पुख्ता डिजिटल व वैज्ञानिक सबूत जुटाए थे। पुलिस विभाग ने कानूनी प्रक्रिया को समय पर पूरा करते हुए सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों और गवाहों की लिस्ट को कोर्ट के सामने पेश किया था।
अदालत में सरकारी अभियोजन पक्ष ने पुलिस द्वारा इकट्ठा किए गए इन ठोस साक्ष्यों के पक्ष में दमदार कानूनी दलीलें पेश कीं। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद उपलब्ध सबूतों के आधार पर आरोपी सुरेश कुमार को ड्रग्स तस्करी का दोषी पाया।
अदालत ने दोषी सुरेश कुमार को 18 महीने की जेल के साथ 15 हजार रुपये का नकद जुर्माना भरने का आदेश दिया। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को दो महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। शिमला पुलिस ने कहा कि नशा माफिया के खिलाफ उनका यह सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।
Reported By: Sunita Gupta


