Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में अब गाड़ी का व्यावसायिक परमिट लेना काफी महंगा होने वाला है। राज्य सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के कमर्शियल वाहनों के परमिट शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस नए प्रस्तावित संशोधन के लागू होने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
परिवहन विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार बसों, टैक्सियों, ऑटो रिक्शा और मालवाहक गाड़ियों के परमिट जारी करने के नियम बदल गए हैं। अब रिन्यूअल के लिए भी नई दरें चुकानी होंगी। सरकार के इस कड़े फैसले से निजी ऑपरेटरों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
कैबिनेट मंजूरी के बिना स्वतः बढ़ जाएगी परमिट फीस
सुक्खू सरकार ने इस बढ़ोतरी के साथ एक और चौंकाने वाला बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। भविष्य में इन परमिट शुल्कों में प्रत्येक दो साल के बाद ऑटोमैटिक रूप से 10 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी। इस नए नियम से विभाग को बार-बार प्रस्ताव तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को अब हर दो साल बाद खुद ही फीस बढ़ाने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। इसके लिए बार-बार कैबिनेट से अंतिम मंजूरी लेने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। सरकार का यह नया फॉर्मूला लंबे समय तक राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
परिवहन सचिव ने जारी की अधिसूचना, मांगे आम सुझाव
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आरडी नजीम की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की जा चुकी है। विभाग ने नए नियमों पर 30 दिनों के भीतर आम जनता, टैक्सी यूनियनों और बस ऑपरेटरों से उनके महत्वपूर्ण सुझाव और लिखित आपत्तियां मांगी हैं।
सभी स्टेकहोल्डर्स से प्राप्त फीडबैक पर गहराई से विचार करने के बाद ही इन नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। गौरतलब है कि विभाग ने कैबिनेट को न्यूनतम दर 1,000 रुपये करने का प्रस्ताव भेजा था। लेकिन कैबिनेट ने उसे नामंजूर कर दिया। साल 1999 के बाद यह वृद्धि हुई है।
विभिन्न गाड़ियों के लिए तय हुआ नया शुल्क ढांचा
नए ड्राफ्ट के अनुसार बसों के अस्थायी परमिट के लिए 750 रुपये और नियमित के लिए 1,500 रुपये तय किए गए हैं। मोटर कैब और ऑटो रिक्शा के लिए दोनों श्रेणियों में 50-50 रुपये का शुल्क प्रस्तावित है। मैक्सी कैब और लाइट गुड्स व्हीकल के लिए 100 और 200 रुपये देने होंगे।
मध्यम और हैवी गुड्स व्हीकल के लिए यह दर 100-100 रुपये रखी गई है। जीप और अन्य यात्री वाहनों के लिए भी 100-100 रुपये तय हुए हैं। इसके साथ ही स्टेज कैरिज और अन्य बड़े वाहनों के लिए यह फीस 500 रुपये और 1,000 रुपये निर्धारित की गई है।
स्पेशल परमिट भी हुए महंगे, ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 88(8) के तहत जारी होने वाले स्पेशल परमिट भी अब महंगे हो गए हैं। इसके तहत अस्थायी विशेष परमिट के लिए 250 रुपये और नियमित के लिए 500 रुपये देने होंगे। अन्य छोटी श्रेणियों में भी 20 से 50 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन मोड को बढ़ावा दिया जा रहा है। आवेदन करते समय फीस का भुगतान नकद रसीद, ऑनलाइन ट्रांसफर या ट्रेजरी चालान से हो सकेगा। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को आवेदन मिलते ही निर्धारित प्रारूप में अलग रसीद जारी करनी होगी।
Reported By: Sunita Gupta


