Hamirpur News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के लिए एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आई है। ओमान तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नजदीक एक तेल टैंकर जहाज पर हुए हमले में हमीरपुर के युवा नाविक आदित्य शर्मा की मौत हो गई है।
आदित्य हमीरपुर के गलोड़ क्षेत्र के निवासी थे। वह पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘एमटी सेटेबेलो’ पर डेक कैडेट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। युवा नाविक की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार और पूरे इलाके में गहरा मातम पसर गया है।
शहीद आदित्य हमीरपुर की हड़ेटा पंचायत के भालू गांव के रहने वाले थे। वह पिछले साल नवंबर महीने में ही अपनी ड्यूटी के लिए घर से निकले थे। उनके पिता राजेश कुमार जालंधर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और मां गृहणी हैं।
आदित्य अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। इस भयानक हादसे ने हंसते-खेलते और खुशहाल परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। परिजनों के अनुसार बुधवार रात करीब नौ बजे उन्हें शिपिंग कंपनी के अधिकारियों की तरफ से एक फोन आया था।
कंपनी के अधिकारियों ने फोन पर बताया कि हमले के वक्त जहाज पर कुल चौबीस क्रू मेंबर्स सवार थे। राहत की बात यह रही कि इनमें से इक्कीस लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। लेकिन तीन लोगों की इस हादसे में जान चली गई।
दुर्भाग्य से जान गंवाने वाले उन तीन लोगों में हिमाचल का यह होनहार लाल आदित्य भी शामिल था। इस दर्दनाक खबर के मिलते ही गलोड़ के तहसीलदार केशव कुमार तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया।
जहाज पर सवार थे सभी भारतीय
शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार इस कमर्शियल जहाज पर सवार सभी चौबीस चालक दल के सदस्य भारतीय ही थे। हमले के तुरंत बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में इक्कीस भारतीयों को तो सकुशल निकाल लिया गया था, लेकिन तीन नाविक लापता हो गए थे।
बाद में गहरे समुद्र में खोजी अभियान चलाया गया। इस तलाशी अभियान के दौरान तीनों लापता नाविकों के शव बरामद हुए। इसके बाद उनके मृत होने की आधिकारिक पुष्टि की गई। बड़सर विधानसभा क्षेत्र का यह युवक समुद्र में करियर बनाना चाहता था।
अमेरिकी सेना ने किया था हमला
यह पूरी दर्दनाक घटना बुधवार दस जून को घटित हुई थी। अमेरिकी सेना ने पलाऊ के झंडे वाले इस कमर्शियल तेल टैंकर ‘एम/टी सेटेबेलो’ के इंजन रूम को निशाना बनाकर हमला किया था। इस सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी सेना ने बड़ा दावा किया है।
अमेरिकी सेना के मुताबिक यह मालवाहक जहाज ईरानी तेल लेकर जा रहा था। इस जहाज ने नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास किया था। इसी वजह से ईरान के पास समुद्री इलाके में अमेरिकी ऑपरेशन के जरिए इस जहाज को निष्क्रिय किया गया था।
अमेरिकी सेना के इसी ऑपरेशन ने इस निर्दोष भारतीय युवक की जान ले ली। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिया है। इस घटना के बाद से पूरे प्रदेश और देश में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।
Author: Sunita Gupta


