Delhi News: संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का आयोजन किया। इस बार परीक्षा के बदले हुए स्वरूप ने अभ्यर्थियों को काफी हैरान किया। पहली पाली की परीक्षा देने के बाद छात्र नए पैटर्न पर चर्चा करते नजर आए। अभ्यर्थियों के अनुसार इस साल का प्रश्नपत्र काफी लंबा और कठिन था।
इस बार की प्रारंभिक परीक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कई सवाल पूछे गए थे। हाल ही में दिल्ली में हुए ग्लोबल एआई समिट 2026 से जुड़े प्रश्न भी शामिल थे। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय संबंधों के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य की भौगोलिक सीमा को लेकर सवाल पूछा गया। समसामयिक मुद्दों का प्रश्नपत्र में अच्छा प्रभाव रहा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मध्य पूर्व संकट से आए सवाल
परीक्षा में प्राचीन इतिहास और निर्णय लेने की क्षमता पर आधारित सवालों की संख्या ज्यादा थी। पहली पाली में कुल 100 प्रश्न पूछे गए थे, जिसमें नकारात्मक अंकन का प्रावधान लागू था। इस वजह से अभ्यर्थियों को उत्तर चुनते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। बहुत से छात्र समय की कमी के कारण सभी प्रश्न हल नहीं कर पाए।
अनुभवी उम्मीदवारों ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार परीक्षा का तरीका काफी अलग था। पुराने अनुभवों का इस बार अभ्यर्थियों को ज्यादा फायदा नहीं मिल सका। प्रश्नपत्र को समझने में ज्यादा समय लगने के कारण कई आसान सवाल भी छूट गए। सीसैट के पेपर में भी छात्रों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
उत्तर प्रदेश के नौ जिलों में सख्त सुरक्षा व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के नौ प्रमुख शहरों में इस परीक्षा के लिए विशेष केंद्र बनाए गए थे। इनमें प्रयागराज, लखनऊ, आगरा, गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और बरेली शामिल रहे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। सभी उम्मीदवारों को गहन जांच प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही प्रवेश की अनुमति मिली।
आयोग ने इस बार नकल रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का इस्तेमाल किया। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले हर अभ्यर्थी का फेस स्कैन अनिवार्य किया गया था। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक हुई। इसके बाद दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 से शाम 4:30 बजे तक आयोजित की गई।
Author: Rashmi Sharma


