Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के यमुनापार क्षेत्र में शुक्रवार सुबह हाईस्कूल के छात्र के अपहरण की झूठी कहानी ने पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया। कौंधियारा थानांतर्गत बेलवा गांव के रहने वाले 16 वर्षीय छात्र विकास सिंह के गायब होने की सूचना पर भारी हड़कंप मच गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने कई थानों की पुलिस टीम और एसओजी यमुनानगर को तुरंत सक्रिय कर दिया था। पुलिस टीमों ने जब इलाके के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की बारीकी से जांच की, तो पूरी मनगढ़ंत कहानी का पर्दाफाश हो गया।
पिता की डांट से नाराज होकर छात्र ने खुद रची थी साजिश
सच्चाई सामने आने पर छात्र के छोटे भाई आकाश ने पुलिस को बताया कि तीन दिन पहले पिता ने पढ़ाई के लिए बड़े भाई विकास को कड़ी फटकार लगाई थी। इसी बात से नाराज होकर वह खुद ही घर छोड़कर कहीं चला गया है।
भागने से पहले विकास ने ही छोटे भाई को अपहरण की यह झूठी कहानी घर और पुलिस को बताने के लिए कहा था। इससे पहले आकाश ने परिजनों को बताया था कि मवैया गांव के पास एक काले रंग की कार सवार बदमाशों ने भाई का अपहरण कर लिया है।
सीसीटीवी फुटेज में ई-रिक्शा और ऑटो से जाता दिखा छात्र
कौंधियारा पुलिस ने जब सोकरन पटेल के बताए घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो वहां कोई संदिग्ध कार नजर नहीं आई। इसके विपरीत अपहृत बताया जा रहा छात्र विकास खुद एक ई-रिक्शा में बैठकर जाता हुआ दिखाई दिया।
इसके बाद वह एक ऑटो में सवार होकर बाई का बाग चौराहा पहुंचा था। वहां से पैदल रामबाग रेलवे स्टेशन होते हुए लीडर रोड गया। वहां से चकिया के रास्ते सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन पहुंचकर वह मुंबई जाने वाली ट्रेन में सवार हो गया।
मुंबई जाने वाली ट्रेन से छात्र को उतारने की कोशिशें जारी
सीसीटीवी कैमरों की गहन छानबीन में पुलिस को यह भी साफ दिख गया कि छात्र ट्रेन के किस डिब्बे में सवार हुआ था। कौंधियारा थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि अपहरण की पूरी घटना बिल्कुल गलत और मनगढ़ंत साबित हुई है।
पुलिस अधिकारियों ने छात्र को सुरक्षित वापस लाने के लिए जीआरपी और आरपीएफ से तुरंत संपर्क साधा है। जांच में यह भी पता चला है कि घर छोड़ने से पहले विकास ने अपने एक दोस्त को पिता की डांट के बारे में बताया था।
Author: Ajay Mishra


