Bulandshahr Terrorist Network: बुलंदशहर में घुसे पाकिस्तान के खतरनाक स्लीपर सेल, एटीएस की बड़ी कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

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Uttar Pradesh News: यूपी एटीएस द्वारा बुलंदशहर के कोतवाली देहात क्षेत्र से दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। देश की राजधानी दिल्ली के बेहद नजदीक होने के कारण खुफिया विभाग यहां स्लीपर सेल का एक बड़ा और खतरनाक नेटवर्क होने की आशंका जता रहा है।

एंटी टेररिज्म स्क्वाड यानी एटीएस ने हाल ही में अकबरपुर गांव से दो संदिग्धों को दबोचा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी पाकिस्तान में बैठे आकाओं के लगातार संपर्क में थे। इस बड़े खुलासे के बाद जिले की स्थानीय खुफिया इकाई यानी एलआईयू की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

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परमाणु पावर प्लांट और एयरबेस के पास होने से बढ़ा खतरा

रणनीतिक दृष्टिकोण से बुलंदशहर जिला बेहद संवेदनशील माना जाता है। जिले में नरौरा परमाणु पावर प्लांट स्थित है। इसके पास ही गाजियाबाद में हिंडन एयरबेस और मेरठ कैंट जैसी महत्वपूर्ण सैन्य छावनियां भी मौजूद हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह पूरा इलाका सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर रहता है।

खुफिया विभाग ने अब संदिग्ध क्षेत्रों में डिजिटल संचार माध्यमों और सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। इसके जरिए आतंकियों के गुप्त नेटवर्क और उनकी फंडिंग के मुख्य स्रोतों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस टीम संदिग्ध इलाकों में बाहरी लोगों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है।

लश्कर के आतंकियों से लेकर डी कंपनी के शूटरों का पुराना इतिहास

बुलंदशहर में पहले भी कई खूंखार देशविरोधी तत्व पकड़े जा चुके हैं। हाल ही में 23 अप्रैल 2026 को कराची का रहने वाला पाकिस्तानी नागरिक सैयद वासित अली पकड़ा गया था। वह पिछले 13 साल से अपनी असली पहचान छिपाकर भूड़ चौराहे के पास बेहद आराम से रह रहा था।

इससे पहले साल 2019 में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने आईएसआई से जुड़े जासूस जाहिद को दबोचा था। उसके पास से कई गोपनीय और प्रतिबंधित दस्तावेज मिले थे। इसके अतिरिक्त साल 2018 में दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी के तीन खतरनाक शूटरों को भी इसी जिले से गिरफ्तार किया गया था।

खुर्जा और स्याना क्षेत्र में मिल चुके हैं आईएसआई के सुराग

करीब डेढ़ दशक पहले अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के खुर्जा क्षेत्र की एक पॉटरी में छिपने की खबर से हड़कंप मच गया था। वहीं साल 2004 में सिकंदराबाद से लश्कर-ए-तैयबा के दो सक्रिय आतंकी पकड़े गए थे। इन्हें दिल्ली की एक अदालत ने दो साल पहले ही कड़ी सजा सुनाई है।

साल 2016 में स्याना क्षेत्र से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा एक डॉक्टर भी पकड़ा गया था। जिला पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देकर जागरूक नागरिक का फर्ज निभाएं।

Author: Ajay Mishra

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