Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में भीषण गर्मी अब लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। पारा लगातार चालीस डिग्री के पार जाने से पूरे शहर में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में अचानक चालीस प्रतिशत तक मरीज बढ़ गए हैं।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38.5 और न्यूनतम 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में पारा 45 डिग्री तक पहुंचेगा। इसके साथ ही तेज गर्म हवाएं और खतरनाक लू चलने की आशंका है।
अस्पतालों की ओपीडी में बढ़ा दबाव और वार्ड हुए फुल
गर्मी बढ़ते ही मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के ओपीडी काउंटरों पर मरीजों की लंबी लाइनें लग रही हैं। मेडिकल कॉलेज में सामान्य दिनों के मुकाबले अब प्रतिदिन हजारों की संख्या में बीमार लोग पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी भी अप्रत्याशित रूप से काफी बढ़ गई है।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, चक्कर, कमजोरी और सांस संबंधी शिकायतों वाले लोग इलाज के लिए आ रहे हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि अस्पतालों के कई आपातकालीन वार्ड अपनी पूरी क्षमता से अधिक भर चुके हैं।
गर्मी की छुट्टियों में बच्चे बने सबसे बड़े शिकार
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी की छुट्टियों के दौरान बच्चे दिन का अधिकांश समय घरों से बाहर मैदानों में बिता रहे हैं। पार्कों और खुली गलियों में लगातार खेलने के कारण वे तेज धूप और थपेड़ों के सीधे संपर्क में आ रहे हैं।
बच्चे खेल-कूद के चक्कर में पर्याप्त मात्रा में पानी भी नहीं पीते हैं। उनकी इस अनियमित दिनचर्या और लंबे समय तक बाहरी गतिविधियों के कारण वे सबसे ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। डॉक्टरों ने अभिभावकों को बच्चों के प्रति विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
शरीर को अंदर से खोखला कर रहा हिडन डिहाइड्रेशन
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि इस मौसम का सबसे बड़ा खतरा हिडन डिहाइड्रेशन क्राइसिस है। इसमें शरीर के भीतर पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी धीरे-धीरे होती है। व्यक्ति को इसका अहसास तब होता है जब स्थिति बहुत बिगड़ जाती है।
यही कारण है कि कई लोग अचानक तेज चक्कर आने, गंभीर कमजोरी, उल्टी या बेहोशी की हालत में अस्पताल लाए जा रहे हैं। इसके साथ ही लगातार बढ़ती गर्मी लोगों में समर स्ट्रेस सिंड्रोम के कारण थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में ऐंठन बढ़ा रही है।
प्रशासन ने जारी की स्वास्थ्य और बचाव गाइडलाइन
मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक होने पर तीव्र लू की स्थिति बन जाती है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बिना किसी जरूरी काम के बाहर न निकलने की सलाह दी है।
डॉक्टरों ने लोगों से दिनभर पर्याप्त पानी, ओआरएस घोल, छाछ और नींबू पानी पीने की अपील की है। धूप में निकलते समय हमेशा सिर को ढककर रखें और सूती कपड़े पहनें। खाली पेट बाहर जाने और धूप में बच्चों को खेलने देने से पूरी तरह बचें।
Author: Ajay Mishra


