Lucknow News: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा निर्देश जारी किया है। उन्होंने ई-सरस पोर्टल पर अधिक से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का पंजीकरण कराने के आदेश दिए हैं।
सोमवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे महिला समूहों की आय में बढ़ोतरी करने के लिए ई-सरस पोर्टल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को ऑनलाइन आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाए।
डिप्टी सीएम ने बताया कि इन समूहों के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाएं हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण सामग्री, शुद्ध मसाले, अचार, पापड़, बेकरी उत्पाद, जैविक उत्पाद, रेडीमेड वस्त्र और बेहतरीन सजावटी सामग्री जैसे विभिन्न बेहतरीन उत्पादों का निर्माण पूरी कुशलता से कर रही हैं।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए इन सभी उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन विपणन (मार्केटिंग) की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। इससे देश भर के बड़े ग्राहकों तक स्थानीय उत्पादों की सहज पहुंच बहुत आसानी से सुनिश्चित हो सकेगी।
डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन लेन-देन का मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ई-सरस पोर्टल के माध्यम से इन महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री में भारी उछाल आएगा। डिजिटल मंच मिलने से ग्रामीण स्तर पर तैयार होने वाले सामानों को अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और बड़ी पहचान मिल सकेगी।
महिलाओं को डिजिटल दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए सरकार विशेष व्यवस्था करने जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि समूहों से जुड़ी महिलाओं को डिजिटल विपणन, ऑनलाइन लेनदेन (डिजिटल पेमेंट), उत्पाद प्रबंधन और कुशल ग्राहक सेवा से संबंधित आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाए।
सरकार की इस दूरदर्शी पहल से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि घरेलू स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। विभाग अब युद्ध स्तर पर काम करते हुए सभी पात्र महिला समूहों को इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी से जुट गया है।
Author: Ajay Mishra


