World News: पश्चिम एशिया में पिछले कई महीनों से जारी विनाशकारी युद्ध अब पूर्ण विराम की ओर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते पर सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप के बड़े एलान के बाद अब ईरान के राष्ट्रपति का आधिकारिक बयान भी सामने आ गया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इस महत्वपूर्ण डील को अपने देश के लिए गर्व का एक बड़ा दस्तावेज बताया है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी केवल शुरुआती सहमति बनी है और अंतिम समझौता होना अभी बाकी है। ईरान ने अपनी सुरक्षा के लिए सभी विकल्पों की तैयारी रखी है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि काफी लंबी बातचीत के बाद मजलिस के लगभग सभी सदस्यों ने समझौता ज्ञापन के मसौदे का पूरा समर्थन किया है। इससे ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करने के अमेरिकी इरादों को जमीन पर परखा जा सकेगा।
उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई का विशेष आभार जताते हुए कहा कि देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाली कड़ी शर्तों को शामिल करने में उनके मार्गदर्शन की सबसे अहम भूमिका रही। इस ऐतिहासिक पहल के लिए पूरी सरकार और देश उनका आभारी रहेगा।
MoU को बताया महीनों की कड़ी मेहनत का नतीजा
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि जो समझौता ज्ञापन तैयार किया गया है, वह महीनों की जटिल बातचीत और लगातार की गई कोशिशों का सुखद नतीजा है। अगर इसकी सभी शर्तों को ईमानदारी से लागू किया जाए, तो इसे ईरान के इतिहास में गर्व का दस्तावेज माना जा सकता है।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण डील को सफल बनाने के लिए मजलिस के स्पीकर डॉ. कालिबाफ, विदेश मंत्री अराघची और शूरा काउंसिल के सम्मानित सदस्यों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने इस पूरी शांति प्रक्रिया में पर्दे के पीछे से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी पक्षों की भी सराहना की।
पेजेश्कियान ने दृढ़ता से कहा कि जिस बात पर सहमति बनी है, वह युद्ध रोकने और कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने साफ किया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने भविष्य की हर परिस्थिति और सभी विकल्पों के लिए अपनी तैयारी को बेहद मजबूत रखा है।
उन्होंने अपने देश की जनता के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार का ध्यान लोगों की सच्ची सेवा करने पर केंद्रित है। उन्होंने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी जनता ने अपने शहीद इमाम से सीखा है कि किसी भी हाल में अपमान के आगे घुटने नहीं टेकने चाहिए।
Author: Pallavi Sharma


