International News: फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक हाई-स्टेक द्विपक्षीय बैठक हुई है। 16 महीने बाद हुई इस आमने-सामने की मुलाकात में ट्रंप ने भारत और अमेरिका के रक्षा संबंधों पर एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक बयान दिया है।
भारत पर हमला हुआ तो मदद के लिए आएगा अमेरिका: ट्रंप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब डोनाल्ड ट्रंप से भारत और अमेरिका के रक्षा संबंधों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारे रिश्ते बहुत बेहतरीन हैं। यदि भारत पर कभी भी कोई हमला होता है, तो अमेरिका उसकी रक्षा और मदद के लिए पूरी ताकत के साथ खड़ा रहेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बड़ी घोषणा के साथ एक दिलचस्प शर्त भी जोड़ दी। ट्रंप ने मुस्कुराते हुए पीएम मोदी की तरफ इशारा किया और कहा कि हमारा कोई लिखित कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, लेकिन अगर भारत पर हमला होता है और नरेंद्र मोदी वहां के नेता हैं, तो हम निश्चित रूप से वहां मदद के लिए मौजूद रहेंगे।
अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम वाले ऐतिहासिक दौरे को किया याद
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के दौरान साल 2020 में अपनी ऐतिहासिक भारत यात्रा को बड़े चाव से याद किया। उन्होंने अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम (नरेंद्र मोदी स्टेडियम) में आयोजित ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम का विशेष जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि वह उनके जीवन का एक बेहद शानदार और कभी न भूलने वाला अनुभव था।
ट्रंप ने स्टेडियम की विशाल भीड़ का विवरण देते हुए कहा कि वहां एक लाख पचास हजार लोग अंदर बैठे थे। इसके अलावा ढाई लाख लोग बाहर थे और एक लाख लोग घास पर मौजूद थे। उन्होंने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने मोदी को बातचीत और समझौतों के मामले में एक बेहद मजबूत और सख्त नेता बताया।
होर्मुज स्ट्रेट में नाविकों की सुरक्षा पर पीएम मोदी ने जताया कड़ा रुख
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान के तट और होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत का गंभीर मुद्दा उठाया। इस पर ट्रंप ने भी अपना गहरा दुख व्यक्त किया। ट्रंप ने माना कि वह एक बेहद कठिन स्थिति थी और अमेरिका इस मुद्दे पर भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है।
पीएम मोदी ने बातचीत में इस बात पर विशेष जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नेविगेशन की आजादी हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग समुद्रों में व्यापारिक जहाजों पर तैनात लाखों भारतीय नाविकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता।
Author: Rajesh Kumar


