Politics News: फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। ट्रंप ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की मांग का विरोध किया है। उन्होंने इस रुख को पूरी तरह से अवास्तविक करार दिया है।
मिसाइल बैन को डोनाल्ड ट्रंप ने बताया गैर-जरूरी
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि आगामी वार्ताओं में तेहरान को कुछ मिसाइल क्षमताएं बनाए रखने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब दुनिया के अन्य देशों के पास ऐसी मिसाइलें मौजूद हैं, तो ईरान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना पूरी तरह व्यावहारिक नहीं है।
ट्रंप का यह बयान इसलिए हैरान करने वाला है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों को तुरंत हटाने पर सहमति बनी है।
सहयोगी देशों और विपक्ष ने जताई कड़ी आपत्ति
राष्ट्रपति ट्रंप के इस नरम रुख का अमेरिका के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा विरोध शुरू हो गया है। आलोचकों और सहयोगी देशों का मानना है कि ईरान को मिसाइल रखने की छूट देना एक बहुत बड़ी रणनीतिक भूल साबित हो सकती है। इससे मध्य पूर्व में सुरक्षा को बड़ा खतरा होगा।
इसके विपरीत, जी7 के अन्य नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस बात पर जोर दिया है कि ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय खतरों से निपटने के लिए एक मजबूत और व्यापक कूटनीतिक अनुवर्ती समझौते (Follow-on Agreement) की सख्त जरूरत है।
चेतावनी भी दी: बात न मानने पर फिर बरसेंगे बम
इस बीच, ट्रंप ने अपनी इस विवादित डील का बचाव करते हुए ईरान को सख्त चेतावनी भी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ईरान ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया या कोई गलत व्यवहार किया, तो अमेरिकी सेना ईरान पर दोबारा बमबारी करने से पीछे नहीं हटेगी।
Author: Harikarishan Sharma


