Delhi News: भारत की जानी-मानी आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट (Lenskart) में एक बार फिर बहुत बड़ा वित्तीय उलटफेर होने जा रहा है। आबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) के समर्थन वाला प्लैटिनम जैस्मीन ए 2018 ट्रस्ट कंपनी में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है।
यह दिग्गज निवेशक ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट में अपनी करीब 2.3 फीसदी हिस्सेदारी बाजार में बेचेगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह महाडील लगभग ₹1,944 करोड़ रुपये की हो सकती है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही शेयर बाजार के बड़े निवेशकों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
4 करोड़ शेयर बेचने की तैयारी और डिस्काउंट का गणित
बाजार के पुख्ता सूत्रों के मुताबिक, प्लैटिनम जैस्मीन ट्रस्ट कंपनी के करीब 4 करोड़ शेयर खुले बाजार में बेचने जा रहा है। यह हिस्सा कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 2.3 प्रतिशत बैठता है। इस बड़े ट्रस्ट का सीधा जुड़ाव दुनिया के सबसे अमीर संप्रभु निवेश कोषों में शामिल एडीआईए से है।
इस मेगा ब्लॉक डील के लिए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस ₹486 तय किया गया है। यह भाव लेंसकार्ट के पिछले बंद भाव ₹500.15 से करीब 2.8 फीसदी कम है। अक्सर बड़े निवेशकों को लुभाने के लिए ब्लॉक डील में मौजूदा बाजार भाव से थोड़ा डिस्काउंट देने का पुराना नियम रहा है।
क्या कंपनी को मिलेगा इस डील का पैसा?
अगर यह पूरी हिस्सेदारी तय फ्लोर प्राइस पर बिक जाती है, तो सौदा ₹1,944 करोड़ तक पहुंच जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पूरी तरह से एक सेकेंडरी ट्रांजैक्शन है। इसका मतलब है कि बिक्री से मिलने वाली मोटी रकम सीधे हिस्सेदारी बेचने वाले निवेशक की जेब में जाएगी।
इस सौदे से लेंसकार्ट कंपनी को सीधे तौर पर कोई नया फंड या नकद राशि हासिल नहीं होने वाली है। इसके साथ ही एक शर्त यह भी जुड़ी है कि इस ब्लॉक डील के पूरा होने के बाद बची हुई हिस्सेदारी पर अगले 90 दिनों तक कड़ा लॉक-अप पीरियड लागू रहेगा।
सॉफ्टबैंक भी वसूल चुका है अपना मुनाफा
दिलचस्प बात यह है कि लेंसकार्ट में हिस्सेदारी बेचने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे ठीक पहले जापान के दिग्गज सॉफ्टबैंक समूह की इकाई ने भी अपनी 3.25 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी। सॉफ्टबैंक ने करीब 5.65 करोड़ शेयर बेचकर बाजार से ₹2,873 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जुटाई थी।
हालांकि, इस तगड़ी मुनाफावसूली के बाद भी लेंसकार्ट में सॉफ्टबैंक का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा सुरक्षित बना हुआ है। पिछली ब्लॉक डील में गोल्डमैन सैक्स और सोसाइट जेनेरल जैसे वैश्विक दिग्गजों के साथ-साथ कोटक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस जैसी घरेलू कंपनियों ने जमकर खरीदारी की थी।
Author: Rajesh Kumar


