Delhi News: भारत सरकार के नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 और इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत स्थायी खाता संख्या यानी पैन कार्ड के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। ये नए नियम आज यानी 1 जून 2026 से पूरे देश में कड़ाई से लागू हो गए हैं। आयकर विभाग ने टैक्स चोरी को रोकने के लिए इस पूरी व्यवस्था को अपग्रेड किया है।
अब नया पैन कार्ड बनवाना हो, पुराने में सुधार करना हो या फिर बैंक से जुड़ा कोई बड़ा लेन-देन करना हो, आपके लिए पुराने तरीके पूरी तरह बदल चुके हैं। अब केवल आधार कार्ड को जन्मतिथि के पक्के सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे इंस्टेंट ई-पैन की पुरानी व्यवस्था अब खत्म हो गई है।
नया पैन कार्ड बनवाने या पुराने में सुधार के लिए अब आधार के साथ-साथ बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड में से कोई एक दस्तावेज अलग से देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही विभाग ने पुराने आवेदन फॉर्म 49A और 49AA को पूरी तरह बंद करके इतिहास बना दिया है।

लांच हुए 4 नए फॉर्म
आयकर विभाग ने पुराने फॉर्म्स की जगह अब 4 नए फॉर्म लॉन्च किए हैं। अब भारतीय नागरिकों को पैन आवेदन के लिए Form 93 और भारतीय कंपनियों को Form 94 भरना होगा। वहीं विदेशी नागरिकों के लिए Form 95 और विदेशी कंपनियों व कॉर्पोरेट्स के लिए Form 96 निर्धारित किया गया है।
पैन कार्ड के वेरिफिकेशन सिस्टम को अब पूरी तरह से ऑटोमैटिक और डिजिटल कर दिया गया है। आपके आवेदन में लिखा गया नाम, जेंडर और जन्मतिथि आपके आधार डेटाबेस से अक्षर-दर-अक्षर मैच होनी चाहिए। यदि एक स्पेस या एक सिंगल लेटर का भी अंतर पाया गया तो कंप्यूटर आपका फॉर्म तुरंत रिजेक्ट कर देगा।
प्रॉपर्टी और गाड़ी खरीदारों को राहत
नए नियमों में मध्यम वर्ग को कुछ मामलों में बड़ी राहत भी दी गई है। जमीन या मकान की खरीद-बिक्री में पैन कार्ड अनिवार्य करने की सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹20 लाख कर दिया गया है। अब ₹5 लाख से अधिक कीमत वाले वाहनों की खरीद पर ही पैन कार्ड देना होगा।
वाहन के इस नए नियम में अब दो-पहिया वाहन भी शामिल हैं, हालांकि ट्रैक्टर को इस दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। वहीं होटल, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजर को नकद भुगतान करने की सीमा को भी ₹50,000 से बढ़ाकर अब सीधे ₹1 लाख कर दिया गया है।
कैश जमा करने के बदले नियम
जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं है, वे वित्तीय लेन-देन के लिए अब तक फॉर्म 60 भरते थे। आज से इसकी जगह नया Form 97 लागू कर दिया गया है। इसके अलावा बैंकों में सालाना ₹10 लाख से अधिक के कुल कैश डिपॉजिट या विड्रॉल पर आयकर विभाग की कड़ी निगरानी रहेगी।
Author: Rajesh Kumar


