Mumbai News: स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह कई बड़े घरेलू और वैश्विक घटनाक्रमों से तय होगी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-ईरान संबंधों में बदलाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समीक्षा पर निवेशकों की सबसे पैनी नजर रहने वाली है।
बाजार के जानकार मान रहे हैं कि इस हफ्ते आने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़े, विदेशी निवेशकों (FII) का रुख और रुपये-डॉलर की विनिमय दर भी बाजार की चाल तय करेंगे। रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा कि अमेरिका-ईरान की स्थिति से विदेशी निवेश का प्रवाह सीधे प्रभावित होगा।
सोमवार को मई महीने का अंतिम एचएसबीसी मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़ा जारी होने वाला है। इसके बाद बुधवार को सर्विस सेक्टर और कंपोजिट पीएमआई के आंकड़े सामने आएंगे। ये सभी आंकड़े देश में मांग, कारोबारी गतिविधियों और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में आर्थिक मजबूती का सटीक संकेत देंगे।
शुक्रवार को होने वाला आरबीआई का फैसला रहेगा सबसे अहम
अजित मिश्रा के अनुसार, इस पूरे सप्ताह की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण घटना शुक्रवार को होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक का फैसला होगी। शेयर बाजार के निवेशक ब्याज दरों, महंगाई और नकदी प्रबंधन को लेकर केंद्रीय बैंक के रुख पर विशेष ध्यान देंगे।
इसके साथ ही भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर और विदेशी मुद्रा भंडार के नए आंकड़े भी आएंगे। ये आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार और बाहरी आर्थिक स्थितियों का सही आकलन करने में मदद करेंगे, जिससे निवेशकों को नई रणनीति बनाने का मौका मिलेगा।
पिछले हफ्ते बाजार में दिखा था मंदी का माहौल
अगर पिछले सप्ताह की बात करें, तो भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख देखा गया था। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 639.61 अंक यानी 0.84 प्रतिशत टूटा था। वहीं दूसरी ओर, एनएसई के निफ्टी में भी 171.55 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीणा ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच निवेशक केंद्रीय बैंक के संकेतों का बारीकी से विश्लेषण करेंगे। उन्होंने बताया कि एक जून को मई महीने के ऑटो सेक्टर के बिक्री आंकड़े भी जारी होंगे, जिससे उपभोक्ता मांग की असल स्थिति सामने आएगी।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने भी माना कि निकट अवधि में बाजार की दिशा पूरी तरह आरबीआई के फैसलों पर टिकी है। इस हफ्ते आने वाले पीएमआई और आईआईपी के आंकड़े वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश की औद्योगिक गतिविधियों की शुरुआती तस्वीर साफ करेंगे।
Author: Rajesh Kumar

