Delhi News: अलनीनो और कमजोर मानसून के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। आगामी खरीफ सीजन में किसानों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए जिला स्तर पर कड़े इमरजेंसी और कंटीजेंसी प्लान तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का पूरा ध्यान एडवांस प्लानिंग पर है।
राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस विशेष रणनीति की घोषणा की। सरकार अलनीनो की बदलती परिस्थितियों पर लगातार बारीक नजर रख रही है। उन्होंने सभी राज्यों को हर समय अलर्ट रहने और समय से पहले जिला स्तरीय तैयारियां पूरी करने को कहा है।
कम बारिश से निपटने के लिए बीजों का विशाल बफर स्टॉक तैयार
केंद्र सरकार की सबसे बड़ी चिंता कम बारिश के कारण फसलों की बुवाई प्रभावित होने से रोकना है। इसी संकट से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 1.74 लाख क्विंटल उन्नत बीजों का एक मजबूत बफर स्टॉक तैयार करने का बड़ा फैसला लिया गया है।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि देश में खरीफ फसलों के लिए बीजों की कोई कमी नहीं है। इस बार कुल 173 लाख क्विंटल की मांग के मुकाबले रिकॉर्ड 192 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध हैं। यह कुल जरूरत से लगभग 11 प्रतिशत अधिक स्टॉक है।
जलवायु के अनुकूल नई किस्में विकसित करने में जुटे कृषि वैज्ञानिक
सरकार अब केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र विशेष की जलवायु के हिसाब से सटीक प्लानिंग कर रही है। राज्यों को उनकी मिट्टी, मौसम और स्थानीय संसाधनों के आधार पर एक अलग कृषि रोडमैप तैयार करने के कड़े निर्देश मिले हैं।
कृषि वैज्ञानिकों को अरहर, सोयाबीन और विभिन्न तिलहनों की कम अवधि वाली खास फसल किस्में विकसित करने को कहा गया है। यह नई और आधुनिक किस्में कम पानी और सूखे जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी किसानों को बेहतर उत्पादन देने में पूरी तरह सक्षम होंगी।
एक जून से देशभर में शुरू होगा विशेष ‘खेत बचाओ अभियान’
देश में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर भी कृषि मंत्रालय ने स्थिति साफ की है। खरीफ सीजन की 390 लाख टन की कुल अनुमानित मांग के मुकाबले वर्तमान में 200 लाख टन खाद का बड़ा स्टॉक पहले से ही देश में पूरी तरह तैयार है।
संतुलित खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए आगामी एक जून से 30 जून तक देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ चलेगा। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में शिविर लगाकर किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड के लाभ और संतुलित उर्वरक प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
नकली इनपुट्स पर होगी सख्त कार्रवाई और बनेगी डिजिटल किसान आईडी
कृषि मंत्री ने नकली बीजों और घटिया कीटनाशकों को खेती के लिए एक गंभीर खतरा माना है। उन्होंने राज्यों को बाजार से अधिक सैंपलिंग लेने, लैब का विस्तार करने और नकली सामान बेचने वाले दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
खेती में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है। देश में अब तक 9.76 करोड़ से अधिक डिजिटल किसान आईडी बनाई जा चुकी हैं। इससे सीधे तौर पर खाद वितरण में सुधार होगा और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगेगी।
Author: Harikarishan Sharma


