Delhi News: दिल्ली-एनसीआर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के आह्वान पर चल रही तीन दिवसीय परिवहन हड़ताल का दूसरा दिन भी व्यापक प्रभाव वाला रहा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की सख्त नीतियों के विरोध में यह आंदोलन जारी है। इस हड़ताल के कारण ट्रकों की आवाजाही में भारी कमी आई है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो रही है।
मंडियों में सब्जियों के दाम आसमान पर
हड़ताल का सबसे सीधा असर राजधानी की प्रमुख मंडियों पर पड़ा है। आजादपुर मंडी के आढ़तियों के अनुसार, पिछले 48 घंटों में प्याज की कीमतों में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। ट्रकों की आवाजाही 50 प्रतिशत तक प्रभावित होने से बाहर से आने वाले फल और सब्जियों की आवक पर गहरा असर पड़ा है। इससे आने वाले दिनों में और भी वस्तुओं के महंगे होने की आशंका है।
आजादपुर मंडी के अलावा नया बाजार, खारी बावली, सदर बाजार, गाजीपुर और ओखला मंडी में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर और पंजाबी बाग ट्रांसपोर्ट सेंटर जैसे बड़े हब भी आधे ठप पड़े हैं। परिवहन कार्य प्रभावित होने से न केवल व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि आम लोगों की जेब पर भी सीधा बोझ पड़ रहा है।
सरकार के साथ बातचीत की उम्मीद
एआईएमटीसी के अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने हड़ताल को सफल बताते हुए कहा कि यह आंदोलन शनिवार तक जारी रहेगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो यह संगठन पूरे देश में अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने के लिए बाध्य होगा।
इस बीच, राहत की खबर यह है कि दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस मुद्दे पर हस्तक्षेप किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सीएक्यूएम और ट्रांसपोर्टर संघ के बीच बैठक होगी, जिसमें हड़ताल खत्म करने के लिए कोई बीच का रास्ता निकल सकता है। अब सभी की नजरें इसी वार्ता पर टिकी हैं।
Author: Gaurav Malhotra


