Delhi News: नीट पेपर लीक विवाद के बाद भारत सरकार परीक्षा सुरक्षा को लेकर ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। आगामी 21 जून को होने वाले नीट री-एग्जाम को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय सेना और वायुसेना की मदद लेने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
हाल ही में हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद सरकार पर भारी दबाव बना था। इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरी स्थिति की कड़ी निगरानी कर रहे हैं ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और सरकार की नई तैयारी
नीट मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार और एनटीए को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि सरकार को यूपीएससी की परीक्षाओं से सीख लेनी चाहिए। अदालत ने पूछा कि पुराने पेपर लीक की घटनाओं से समय रहते सबक क्यों नहीं लिया गया।
अदालती कार्रवाई के बीच सरकार अब सुरक्षा का नया फुलप्रूफ प्लान तैयार कर रही है। नए प्रस्ताव के तहत देश के सुदूर इलाकों में प्रश्नपत्रों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विशेष कार्गो विमानों और सैन्य वाहनों की मदद ली जाएगी ताकि कोई माफिया सेंध न लगा सके।
इसके अलावा, प्रश्नपत्रों को रखने वाले मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को सौंपने की तैयारी है। सरकार इस पूरी व्यवस्था से किसी भी बाहरी व्यक्ति या एजेंसी की पहुंच को पूरी तरह खत्म करना चाहती है ताकि गोपनीयता शत-प्रतिशत बनी रहे।
दुनियाभर के देशों में परीक्षा सुरक्षा के कड़े नियम
परीक्षाओं में सैन्य बलों की मदद लेने का यह तरीका वैश्विक स्तर पर कई देशों में पहले से ही लागू है। चीन अपनी मशहूर ‘गाओकाओ’ परीक्षा के प्रश्नपत्रों को विशेष जीपीएस वाले बख्तरबंद वाहनों और स्वात कमांडो की सुरक्षा में परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचाता है।
अल्जीरिया ने भी साल 2016 में बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने के बाद ऐतिहासिक कदम उठाया था। वहां परीक्षा शुरू होते ही पूरे देश का इंटरनेट और ब्रॉडबैंड बंद कर दिया जाता है। इसके अलावा इराक और सीरिया में हेलीकॉप्टर से प्रश्नपत्र भेजे जाते हैं।
भारत में भी अब इसी तरह की कड़े सैन्य सुरक्षा इंतजामों को लागू करने की तैयारी चल रही है। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा घेरा बेहद मजबूत किया जाएगा। इस ऐतिहासिक बदलाव से देश की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की साख को दोबारा बहाल किया जा सकेगा।
Author: Gaurav Malhotra

