Patna News: राज्य में अवैध खनन में शामिल ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियां आम जनता और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं। ये अनियंत्रित वाहन सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ते हैं। इनके कारण पूरी सड़क पर धूल का गुबार छा जाता है, जिससे राहगीरों को रास्ता दिखना बंद हो जाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार में स्थानीय पुलिस की पूरी मिलीभगत रहती है। हाल ही में गोला रोड पर मिट्टी गिराकर भाग रहे एक बेकाबू ट्रैक्टर ने महिला को कुचल दिया। इस हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा।
हादसे के बाद दबाव में पकड़े वाहन बिना कार्रवाई छोड़े
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर जमकर दबाव बनाया। पुलिस ने मौके से दो ट्रैक्टर-ट्रालियों को हिरासत में लिया। इसके बाद कुछ रसूखदार लोगों ने मामले में हस्तक्षेप किया। पुलिस ने घुटने टेकते हुए बिना कोई कानूनी कार्रवाई किए दोनों वाहनों को तुरंत छोड़ दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के इस ढुलमुल रवैये से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। वे दिन-दहाड़े नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सड़कों पर उड़ती धूल के कारण लोग लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों के बाद भी पूरी तरह मौन हैं।
रात के अंधेरे में वसूली और प्रति ट्रैक्टर तय है हिस्सा
स्थानीय निवासियों ने पुलिस पर अवैध कमाई की हिस्सेदारी तय करने का गंभीर आरोप लगाया है। रात के समय सिपाही सड़कों पर अवैध रूप से चलने वाले वाहनों की बाकायदा गिनती करते हैं। इसके बाद माफियाओं के गुर्गों से प्रति ट्रैक्टर करीब 1300 रुपये की अवैध वसूली होती है।
इस गंभीर मामले पर प्रशासनिक अधिकारियों ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। यदि क्षेत्र में अवैध खनन की पुष्टि होती है, तो संलिप्त वाहनों को सीज किया जाएगा।
Author: Amit Yadav


