West Bengal News: पश्चिम बंगाल के हावड़ा शहर में पुलिस प्रशासन ने एक बहुत ही हैरान कर देने वाली बड़ी कार्रवाई की है। इस कड़े पुलिसिया एक्शन के बाद पूरे राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में अचानक भारी हलचल मच गई है। पुलिस ने इलाके के एक कुख्यात अपराधी को आधे कपड़ों में घुमाया।
गोलाबाड़ी और मालीपंचघरा थाने की भारी पुलिस टीम ने उत्तर हावड़ा के कथित डॉन आकाश सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने रविवार को उसकी कमर में मोटी रस्सी बांधी। इसके बाद उसे केवल अंतर्वस्त्रों में हावड़ा की व्यस्त सड़कों पर पैदल घुमाकर पूरे इलाके में उसका जुलूस निकाला।
पुलिस ने भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच इस कुख्यात गैंगस्टर से कई पुराने मामलों का क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन कराया। कभी लंबे जूड़े और घनी दाढ़ी में खौफ का पर्याय माने जाने वाले आकाश का हुलिया अब पूरी तरह बदला हुआ था। पुलिस कस्टडी में उसके बाल और दाढ़ी काफी छोटे दिखे।
अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए परेड?
पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में ही आकाश सिंह को जाल बिछाकर दबोचा था। उस पर साल 2021 में पुलिसकर्मियों पर सरेआम गोलियां बरसाने के आरोप हैं। इसके साथ ही हावड़ा के विभिन्न थानों में जबरन वसूली और हत्या के प्रयास जैसे बीस से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
रविवार को जब पुलिस की गाड़ियां आकाश को लेकर वारदात वाली जगहों पर पहुंचीं, तो वहां तमाशबीनों की भारी भीड़ जुट गई। डॉन को इस हालत में देखकर हर कोई दंग रह गया। हालांकि पुलिस सूत्रों ने बताया कि भारी गर्मी की वजह से उसे आरामदायक कपड़े पहनाए गए थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पुराने गंभीर अपराधों की साजिश का पर्दाफाश करना था। पुलिस यह पता लगा रही है कि उसे किन मददगारों का साथ मिला था। जांच टीम यह भी देख रही है कि हावड़ा में रंगदारी का यह बड़ा रैकेट कैसे काम करता था।
खूंखार गैंगस्टर की परेड पर शुरू हुई भयंकर राजनीति
पुलिस की टीमें कुख्यात आकाश सिंह को कड़ी सुरक्षा के घेरे में उस खास जगह पर भी ले गईं, जहां उसने कानून को चुनौती दी थी। अधिकारियों ने मौके पर पुराने सबूतों की गहनता से जांच की। इसके साथ ही चश्मदीदों के बयानों को घटनाक्रम से मिलाकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस अब उन सफेदपोश चेहरों और स्लीपर सेल्स की पहचान करने में जुटी है, जो इस पूरे रंगदारी रैकेट को पीछे से संभालते थे। दूसरी तरफ इस कार्रवाई ने अब राज्य में एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोपी को इस तरह पेश करने पर तीखे सवाल उठाए हैं।
हाल ही में राज्य में एक अन्य आरोपी को भी अंतर्वस्त्रों में घुमाए जाने की बात सामने आई थी। विपक्ष इसे मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बता रहा है। वहीं सरकार के समर्थक इसे अपराध मुक्त राज्य बनाने और पुलिस का इकबाल बुलंद करने की दिशा में एक बेहद जरूरी कदम मान रहे हैं।
Author: Sourav Banerjee

