Uttar Pradesh News: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। इन तीनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जल्द ही पांच सौ दस ई-सिटी बसों का शानदार संचालन शुरू होने जा रहा है।
इस बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यानी यूपीएसआरटीसी का विशेष सहयोग लिया जा रहा है। तीनों विकास प्राधिकरण आपसी सहमति से पचास प्रतिशत, पच्चीस प्रतिशत और पच्चीस प्रतिशत के विशेष अनुपात पर मिलकर काम करेंगे।
परियोजना के पहले चरण में आगामी पंद्रह जून तक हर हाल में सौ ई-सिटी बसों का संचालन सड़कों पर शुरू कर दिया जाएगा। इनमें से पचास ई-सिटी बसें नोएडा में चलेंगी, जबकि पच्चीस-पच्चीस बसें ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण की ओर से संचालित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इन सभी तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि भविष्य में मांग बढ़ने के साथ ही इन बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक मिलेगी सीधी बस सेवा
बैठक में जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक इस बेहतरीन सार्वजनिक परिवहन सेवा को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस नई सेवा के शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेनो वेस्ट और यमुना क्षेत्र के दस लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
जून के पहले सप्ताह में ही इन आधुनिक ई-सिटी बसों का ट्रायल रन शुरू कर दिया जाएगा। पहली खेप में आने वाली सौ बसों में से दस बसें अत्याधुनिक डबल डेकर होंगी, जबकि बाकी नब्बे बसें बारह मीटर लंबी होंगी, जो यात्रियों को आरामदायक सफर का अहसास कराएंगी।
बसों के संचालन के लिए रूट को अंतिम रूप दे दिया गया है। ये बसें नोएडा के एमपी-एक, दो, तीन, जोनल रोड नंबर-छह और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक जाएंगी। इसके अलावा कुछ प्रमुख रूट दिल्ली और गाजियाबाद को भी सीधे जोड़ेंगे।
यात्रियों की जेब पर नहीं पड़ेगा भारी बोझ, तय हुआ न्यूनतम किराया
आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सफर का न्यूनतम किराया मात्र दस रुपये और अधिकतम किराया तीस रुपये तय किया गया है। यात्री मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल टिकट या फिर मैन्युअल कंडक्टर से नकद टिकट आसानी से खरीद सकेंगे।
ये सभी इलेक्ट्रिक बसें प्रतिदिन करीब दो सौ किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाएंगी। यात्रियों को बस के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि हर पंद्रह मिनट के अंतराल पर बस सेवा उपलब्ध रहेगी। इसे लास्ट माइल कनेक्टिविटी के बेहतरीन मॉडल के रूप में तैयार किया गया है।
परियोजना पर आने वाले वायबिलिटी गैप फंड यानी वीजीएफ को भी तीनों प्राधिकरण तय अनुपात में मिलकर वहन करेंगे। प्रति किलोमीटर संचालन के लिए उनहत्तर रुपये के वीजीएफ भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिससे आर्थिक संतुलन पूरी तरह बना रहे।
प्राधिकरणवार बस संचालन और वीजीएफ का पूरा गणित
इस पूरी परियोजना के तहत तीनों विकास प्राधिकरणों के बीच बसों की संख्या और वित्तीय हिस्सेदारी का बंटवारा बेहद पारदर्शी तरीके से किया गया है, ताकि संचालन में कोई बाधा न आए। इसका विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है: प्राधिकरण का नाम कुल बस संचालन वित्तीय हिस्सेदारी वीजीएफ (प्रति किलोमीटर) नोएडा प्राधिकरण 250 बसें 34.5% 34.5 रुपये ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 130 बसें 25% 17.25 रुपये यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण 130 busें 25% 17.25 रुपये
Author: Ajay Mishra


