Shimla News: हिमाचल प्रदेश में पुलिस ने शराबी वाहन चालकों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। पुलिस ने शुरुआती चार महीनों में ही 1675 हुड़दंगी चालकों को गिरफ्तार कर लिया है। सडक़ों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए विभाग ने नियमों को अब पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया है।
लापरवाह वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस होंगे सस्पेंड
पुलिस महानिदेशालय के निर्देश पर अब तक 47 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त विभाग ने गंभीर उल्लंघन करने वाले 829 अन्य चालकों के लाइसेंस निलंबित करने की पुरजोर सिफारिशें भेजी हैं। यातायात पुलिस अब नियमों को तोडऩे वालों को बिल्कुल नहीं बख्श रही है।
विभिन्न जिलों में की गई कार्रवाई के तहत कांगड़ा में सबसे ज्यादा 29 लाइसेंस सस्पेंड हुए हैं। इसके अलावा हमीरपुर और शिमला में छह-छह लाइसेंस निलंबित किए गए। चंबा में चार जबकि मंडी और ऊना में एक-एक शराबी चालक का लाइसेंस पूरी तरह सस्पेंड कर दिया गया है।
सडक़ हादसों को रोकने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल
हिमाचल पुलिस सडक़ दुर्घटनाओं और मौतों की निगरानी के लिए अब रियल टाइम डाटा विश्लेषण तकनीक का उपयोग कर रही है। पुलिस की विशेष टीमें चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर ट्रैफिक डाटा की जांच करती हैं। इस तकनीक से हादसों के मुख्य कारणों की सटीक पहचान आसानी से हो रही है।
समीक्षा रिपोर्ट में सामने आया कि अधिकांश भयानक हादसे तेज रफ्तार और नशे में गाड़ी चलाने के कारण होते हैं। टीटीआर यूनिट के डीआईजी संजीव गांधी ने बताया कि सभी जिला कप्तानों को प्रवर्तन कड़ा करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो।
विभिन्न जिलों में ड्रंक एंड ड्राइव के आंकड़े डराने वाले
पुलिस ने इस अवधि में प्रदेशभर में कुल 3129 चालान काटे हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 553 चालान किए गए और 152 लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश हुई। कांगड़ा में 506 चालान के साथ 106 लाइसेंस और सोलन में 458 चालान के साथ 59 लाइसेंस पर गाज गिरी है।
इसके साथ ही सिरमौर में 216 चालान, शिमला में 209 चालान और ऊना में 223 चालान दर्ज हुए हैं। जनजातीय जिले लाहुल-स्पीति में भी पुलिस ने 131 चालान कर 118 लाइसेंस निलंबित करने की रिपोर्ट भेजी है। पुलिस का यह सख्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
Author: Sunita Gupta


