Shimla News: पहाड़ों की रानी शिमला में पर्यटन सीजन शुरू होते ही सैलानियों और गाड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए जिला पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए कई व्यापक प्रबंधन उपाय लागू किए हैं।
पर्यटन सीजन में शिमला की सड़कों पर गाड़ियों का रेला
गर्मियों की छुट्टियों के कारण हिल स्टेशन पर अचानक गाड़ियों की बाढ़ आ गई है। बीते तीन दिनों के भीतर सोलन और शिमला के बीच करीब 70 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज हुई। इसके अलावा अन्य राज्यों से आए 25 हजार से ज्यादा पर्यटक वाहन भी शिमला क्षेत्र में दाखिल हुए हैं।
इतने बड़े पैमाने पर वाहनों के दबाव को संभालना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। हालांकि, ट्रैफिक मैनेजमेंट की मुस्तैदी के कारण इस भारी ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाया गया। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि पर्यटकों को परेशानी न हो।
ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए मैदान में अतिरिक्त फोर्स
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि शहर के चप्पे-चप्पे पर यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ किया गया है। इसके लिए सड़कों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। विभिन्न संवेदनशील और व्यस्त चौराहों पर त्वरित कार्रवाई और नियंत्रण के लिए ट्रैफिक राइडर्स की संख्या भी बढ़ाई गई है।
इस विशेष अभियान में पुलिसकर्मियों का हाथ बंटाने के लिए ट्रैफिक वॉलंटियर्स भी मुस्तैदी से जुड़ गए हैं। यातायात को पूरी तरह नियंत्रित रखने के लिए आने वाले दिनों में और भी ज्यादा स्वयंसेवकों को इस मुहिम का हिस्सा बनाया जाएगा। पुलिस बल आधुनिक उपकरणों के साथ यातायात व्यवस्था संभाल रहा है।
जाम से मुक्ति दिलाने के लिए पांच सेक्टरों में बंटा शहर
यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस ने शिमला शहर को पांच विशेष सेक्टरों में विभाजित किया है। इन सभी सेक्टरों की कमान और निगरानी पांच एनजीओ-1 स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। इस नई व्यवस्था से अलग-अलग क्षेत्रों की पल-पल की रिपोर्ट मिल रही है और तुरंत फैसले लिए जा रहे हैं।
ऊपरी शिमला और कुफरी की तरफ जाने वाले पर्यटक वाहनों को मुख्य शहर के बजाय शोघी से मेहली बाइपास मार्ग के जरिए भेजा जा रहा है। इस डाइवर्ट प्लान से शहर के मुख्य अंदरूनी मार्गों पर गाड़ियों का दबाव काफी कम हुआ है। सोशल मीडिया के जरिए भी लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं।
Author: Sunita Gupta

