Shimla News: राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि यदि मौजूदा आर्थिक हालात ऐसे ही रहे, तो देश में ईंधन के दाम जल्द ही 150 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकते हैं।
यूपीए शासनकाल से की तुलना और आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल
सचिवालय स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेगी ने कहा कि बढ़ती कीमतें आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 12 वर्ष पहले यूपीए सरकार के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 108 डॉलर प्रति बैरल था, तब पेट्रोल महज 55 रुपये लीटर मिलता था।
कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि आज कच्चे तेल की कीमतें लगभग उसी पुराने स्तर पर हैं, फिर भी देश में पेट्रोल और डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के पार बिक रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की ये गलत नीतियां सीधे तौर पर आम जनता का बजट बिगाड़ रही हैं।
पर्यटन और बागवानी सीजन पर पड़ेगा ईंधन की महंगाई का असर
मंत्री ने चेतावनी दी कि प्रदेश में जल्द ही पर्यटन और सेब का मुख्य सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से परिवहन लागत काफी बढ़ जाएगी। इसका सीधा और बुरा असर हमारे पर्यटन कारोबार और स्थानीय बागवानों पर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार को बड़े उद्योगपतियों के प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय दबावों से बाहर निकलना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि केंद्र को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों से सीख लेकर देश की आर्थिक स्थिरता को मजबूत करना चाहिए।
देश में अघोषित आर्थिक आपातकाल और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग
नेगी ने देश में दो तरह के आपातकाल जैसी स्थिति होने का भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ अभिव्यक्ति की आजादी को दबाया जा रहा है। सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं पर ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि दूसरी तरफ देश में अघोषित आर्थिक आपातकाल के कारण आम लोगों की खरीदारी करने की क्षमता लगातार घट रही है। हालिया ‘कॉकरोच’ टिप्पणी विवाद पर उन्होंने कहा कि इतने शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल शोभा नहीं देता है।
Author: Harikarishan Sharma


