बिहार में कथित एनकाउंटर पर तेजस्वी यादव के गंभीर आरोपों पर ललन सिंह ने दिया करारा जवाब, सियासी हलके में मचा भारी हड़कंप!

Bihar News: बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई पर जमकर सियासत सुलग रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य में हो रहे कथित एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार पर एक विशेष जाति को टारगेट करने का बेहद संगीन आरोप लगाया है।

अपराधी अब बिहार में खुलेआम नहीं घूम सकते

तेजस्वी यादव के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बेहद कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि इसे एनकाउंटर कहें या हाफ एनकाउंटर, लेकिन सबसे बड़ा संदेश यह है कि बिहार में अब अपराधी खुलेआम नहीं घूम सकते। कानून अपना काम सख्ती से कर रहा है।

ललन सिंह ने कहा कि अपराध करने वाले को सजा भुगतनी ही पड़ेगी। बिहार पुलिस की एक्शन टेकन रिपोर्ट साफ बताती है कि हर वारदात के बाद अपराधियों को तुरंत दबोचा जा रहा है। कई बार हमला होने पर पुलिस आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करती है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष केवल अपराधियों की चिंता करना छोड़ दे। उन्हें उन मासूम पीड़ितों के बारे में भी सोचना चाहिए जिनकी जिंदगी इन बदमाशों ने तबाह कर दी। तेजस्वी यादव केवल घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, जिससे उन्हें कुछ हासिल नहीं होने वाला।

नीतीश के सुशासन मॉडल को आगे बढ़ा रही नई सरकार

जेडीयू नेता ने दावा किया कि नीतीश कुमार के सुशासन और पुलिसिंग मॉडल को अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य में कहीं भी कोई घटना होने पर तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

दूसरी तरफ जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने पंचायतों में सहयोग शिविर लगाने के सरकारी फैसले की सराहना की है। उन्होंने कहा कि समय पर जनता के काम न होने से परेशानी बढ़ती थी। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बनाए गए आरटीपीएस कानून से लोगों को बड़ा लाभ मिला था।

अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार इस नई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बना रही है। खुद मुख्यमंत्री और कई मंत्री लगातार कैंपों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इस सराहनीय पहल से आम लोगों को सही समय पर सरकारी सेवाएं और न्याय मिल सकेगा।

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर भी विपक्ष को घेरा

पेट्रोल की कीमतों पर तेजस्वी के आरोपों को खारिज करते हुए जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि आंखें मूंदकर वैश्विक परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पश्चिम एशिया के बड़े संकट के कारण इस समय अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देश भी भारी आर्थिक दबाव में हैं।

दुनियाभर के बड़े अर्थशास्त्रियों ने वैश्विक जीडीपी विकास दर में गिरावट और महंगाई बढ़ने की आशंका जताई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने लंबे समय तक देश के आम नागरिकों पर इसका सीधा बोझ नहीं पड़ने दिया है।

Author: Harikarishan Sharma

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