Delhi News: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर फिर तीखा जुबानी हमला किया है। उनके इस बयान के बाद देश की सियासत में भारी उबाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस नेता पर तुरंत बेहद आक्रामक पलटवार किया है।
राहुल गांधी ने एक जनसभा में दावा किया कि केंद्र सरकार ने देश के पूरे आर्थिक सिस्टम को बड़े उद्योगपतियों को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला है। संकट के इस समय मौजूदा सरकार आम नागरिकों की रक्षा बिल्कुल नहीं कर पाएगी।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अपनी गलतियों के कारण प्रधानमंत्री जल्द ही जनता के सामने भावुक नजर आएंगे। उन्होंने नोटबंदी और कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों के घरों से सीधे पैसे छीनने का काम किया है। जनता को अब सजग होना होगा।
संविधान और विचारधारा की रक्षा के लिए लड़ना होगा
राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि केवल चुप रहने या नारे लगाने से बदलाव नहीं आएगा। जब भी देश के संविधान और हमारी मूल विचारधारा पर कोई बड़ा हमला हो, तो जनता को पीछे हटने के बजाय मजबूती से खड़ा होना पड़ेगा।
उन्होंने विपक्ष पर देश के महापुरुषों जैसे डॉ. आंबेडकर, महात्मा गांधी और वीरा पासी के विचारों पर आघात करने का बड़ा आरोप लगाया। राहुल ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आम जनता को खुलकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। तभी अधिकारों की रक्षा संभव है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री आम जनता से विदेश न जाने और सोना न खरीदने की बात करते हैं। दूसरी तरफ वे खुद हजारों करोड़ के महंगे विमानों में सफर करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा योजना और जाति जनगणना जैसे जरूरी मुद्दों को दबा रही है।
बीजेपी ने राहुल गांधी को बताया अर्बन नक्सली मानसिकता का शिकार
राहुल गांधी के इन बयानों पर सत्ताधारी दल बीजेपी ने बहुत सख्त रुख अख्तियार किया है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस नेता की यह भाषा पूरी तरह अर्बन नक्सली मानसिकता को दर्शाती है। वे देश को कमजोर करने वाले संगठनों के सुर में सुर मिला रहे हैं।
बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा विदेशी मंचों और देश के भीतर भारत का अपमान करते हैं। वे समाज को बांटने वाले गिरोह के मुख्य रणनीतिकार हैं। उनके यह खोखले आरोप केवल उनकी हताशा को दिखाते हैं, जिसे देश की जनता पहले ही खारिज कर चुकी है।
Author: Harikarishan Sharma


