Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकार ने व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ा झटका दिया है। ऊर्जा विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत व्यावसायिक बिजली की खपत पर एक रुपये प्रति यूनिट का अतिरिक्त सेस लगाया गया है। यह नया आदेश प्रदेश भर में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार के इस फैसले से सीधा असर व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा और आम जनता की जेब भी ढीली होगी। महंगाई का यह नया दौर लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है।
ऊर्जा विभाग के सचिव राकेश कंवर ने संबंधित विभागों को नए निर्देश जारी किए हैं। पहले व्यावसायिक बिजली की दरें 6.20 रुपये से 6.39 रुपये प्रति यूनिट थीं। अब एक रुपये की बढ़ोतरी के बाद यह दर 7.39 रुपये तक हो गई है। यह अतिरिक्त सेस दस श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर लगेगा। इस वृद्धि से व्यवसायियों को काफी आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा और उनके मुनाफे पर बुरा असर होगा।
इन प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा सीधा प्रभाव
सरकार का यह नया नियम मुख्य रूप से उन सभी संस्थानों पर लागू होगा जो व्यावसायिक श्रेणी में आते हैं। इनमें बड़े बिजनेस हाउस, निजी कार्यालय और पेट्रोल पंप मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, निजी शोध संस्थान और कोचिंग सेंटर भी इस नियम के दायरे में आएंगे। बड़े शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स और होटल-मोटल चलाने वालों को भी अब पहले से ज्यादा बिजली बिल चुकाना होगा। इससे प्रदेश के दो लाख से ज्यादा उपभोक्ता सीधे प्रभावित होंगे।
राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को अभी भी 125 यूनिट तक बिजली बिलकुल मुफ्त मिल रही है। हालांकि 126 यूनिट से अधिक खपत होने पर 5.89 रुपये प्रति यूनिट और 85 रुपये का निर्धारित शुल्क लगता है। सरकार का तर्क है कि व्यावसायिक सेस से प्रदेश के राजस्व में भारी वृद्धि होगी। इस अतिरिक्त पैसे का उपयोग विभिन्न सामाजिक योजनाओं को चलाने और राज्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने में किया जाएगा। सरकार इसे बेहद जरूरी कदम मानती है।
आम जनता के बजट पर महंगाई की गहरी मार
घरेलू बिजली की दरों में सीधा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन आम परिवारों का बजट फिर भी बिगड़ेगा। होटल, कोचिंग संस्थान और अस्पतालों की संचालन लागत बढ़ने से वे अपनी सेवाएं महंगी कर देंगे। इसका सीधा आर्थिक बोझ अंततः आम आदमी को ही उठाना पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश में पहले से ही दो अन्य सेस वसूले जा रहे हैं। इनमें 10 पैसे का मिल्क सेस और दो पैसे से छह रुपये तक का पर्यावरण सेस शामिल है।
पड़ोसी राज्यों में बिजली दरों की वर्तमान स्थिति
पड़ोसी राज्यों में भी बिजली की दरें अलग-अलग स्तर पर निर्धारित की गई हैं। पंजाब में पांच सौ यूनिट तक यह दर 6.10 रुपये और उससे ऊपर 7.10 रुपये है। हरियाणा में पांच सौ यूनिट तक 6.50 रुपये, जबकि एक हजार से अधिक पर 7.50 रुपये वसूले जाते हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर में दो सौ यूनिट तक 3.55 रुपये और पांच सौ से ऊपर 5.85 रुपये लगते हैं। इन सभी आंकड़ों से राज्यों की तुलना हो सकती है।

