Agra News: देश में महंगाई का एक बहुत बड़ा और तगड़ा झटका आम जनता को लगा है। बीते महज 15 दिनों के भीतर तीन अत्यंत महत्वपूर्ण ईंधन वस्तुओं के दामों में हुई भारी बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। सबसे पहले एक मई को कमर्शियल सिलिंडर के दाम में 993 रुपये की भारी-भरकम वृद्धि की गई। इसके ठीक बाद सात मई को कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस यानी सीएनजी के रेट भी दो रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दिए गए थे।
महंगाई का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय ने पूरे चार साल के लंबे अंतराल के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी करीब तीन-तीन रुपये की बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। इन लगातार झटकों से अब आम भारतीय परिवारों के घर का पूरा मासिक बजट बुरी तरह झुलसने वाला है। रसोई के खर्च से लेकर होटल-रेस्टोरेंट में खाना और रोजाना का सफर करना अब काफी महंगा हो जाएगा।
पेट्रोल पंपों पर नई कीमतों को लेकर हुआ भारी विवाद
मंत्रालय के आदेश पर शुक्रवार सुबह छह बजे से ही देश भर के पेट्रोल पंपों पर नया रेट लागू कर दिया गया। इसके तहत सादे पेट्रोल में 2.81 रुपये और डीजल में 3.01 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। अचानक रेट बढ़ने के कारण जिले के कई पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस और भारी विवाद देखने को मिला। आपूर्ति विभाग के पास इस संबंध में आधी दर्जन से अधिक शिकायतें पहुंचीं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पंप संचालकों को तुरंत नए रेट का बोर्ड मुख्य द्वार पर लगाना पड़ा। स्थानीय पंप संचालक एसपी कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से इंटरनेट मीडिया पर पेट्रोल-डीजल महंगे होने के मैसेज चल रहे थे। ऐसे में लोग पहले से ही मानसिक रूप से इस बात के लिए तैयार थे। जिले के 374 पेट्रोल पंपों पर रोज औसतन 6.30 लाख लीटर पेट्रोल और 15.40 लाख लीटर डीजल की भारी बिक्री होती है।
परिवहन खर्च बढ़ने से सब्जियां और दूध होंगे महंगे
सेवानिवृत्त अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि डीजल के दाम बढ़ने से मालभाड़ा और परिवहन खर्च सीधे तौर पर 50 पैसे से लेकर एक रुपये प्रति किलोमीटर तक बढ़ जाएगा। इसका सीधा और तात्कालिक असर रोजमर्रा की चीजें जैसे सब्जी, दूध और फल पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में इनके दाम तीन से सात रुपये तक बढ़ सकते हैं। इसके अलावा निर्माण सामग्री, प्लास्टिक और पैकेजिंग उद्योग की लागत भी बढ़ेगी।
खेती की लागत और ई-कॉमर्स डिलीवरी पर सीधी मार
ईंधन महंगा होने से भारतीय खेती की लागत भी काफी बढ़ जाएगी, क्योंकि ट्रैक्टर, पंपसेट और आधुनिक कृषि मशीनों में डीजल का सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा देश का बढ़ता ई-कॉमर्स और कोरियर डिलीवरी सेक्टर भी इससे सीधे तौर पर प्रभावित होगा। इस महंगाई की मार से समाज का हर वर्ग पीड़ित है, क्योंकि सीमित आय वाले लोगों के लिए इस अतिरिक्त खर्च को संभालना बहुत मुश्किल होगा।
जानिए किस वर्ग पर कितना बढ़ेगा मासिक खर्च
इस ताजा मूल्य वृद्धि के बाद विभिन्न वर्गों के परिवारों पर पड़ने वाले अतिरिक्त मासिक खर्च का अनुमान कुछ इस प्रकार है: परिवार का वर्ग अनुमानित अतिरिक्त मासिक खर्च निम्न मध्यम वर्ग 500 से 800 रुपये प्रति माह मध्यम वर्ग 700 से 1500 रुपये प्रति माह उच्च वर्ग 2000 से 3500 रुपये प्रति माह
यह है पेट्रोल और डीजल का नया रेट कार्ड
ईंधन की कीमतों में प्रति लीटर के हिसाब से किया गया बदलाव नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट देखा जा सकता है: ईंधन का प्रकार पुराना रेट नया रेट कुल बढ़ोतरी सादा पेट्रोल 94.55 रुपये 97.36 रुपये 2.81 रुपये स्पीड पेट्रोल 103.52 रुपये 106.51 रुपये 2.99 रुपये डीजल 87.64 रुपये 90.65 रुपये 3.01 रुपये
क्या कहते हैं शहर के आम नागरिक?
शमसाबाद रोड के निवासी विनय किशोर खंडेलवाल का कहना है कि इंटरनेट मीडिया पर कई दिनों से इस बढ़ोतरी को लेकर लंबी बहस छिड़ी हुई थी। शुक्रवार सुबह होते ही यह आशंका सच साबित हो गई, जिसका सीधा असर हमारे घर के बजट पर पड़ेगा। वहीं कचहरी घाट के प्रथम अग्रवाल ने कहा कि पहले कमर्शियल सिलिंडर, फिर सीएनजी और अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर सीधे आम आदमी की जेब पर डाका डाला गया है।
सुल्तानगंज की पुलिया के रहने वाले सनी गुप्ता और कमला नगर के अमित कुमार साहनी ने बताया कि दूध के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं। अब डीजल महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ेगा, जिससे हर परिवार पर 1500 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ आएगा। बमरौली कटारा के अनिल कुमार और बल्केश्वर के अनीश अग्रवाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सीमित आय में एक साथ इतनी चौतरफा महंगाई की मार को झेलना आसान नहीं होगा।
आपूर्ति विभाग ने दी ईंधन की कमी न होने की सफाई
आम जनता के बीच फैली इस भारी नाराजगी और पेट्रोल पंपों पर बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला आपूर्ति विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त करते हुए साफ कहा है कि सादे पेट्रोल के रेट में 2.81 रुपये, स्पीड पेट्रोल में 2.99 रुपये और डीजल में 3.01 रुपये की बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन जिले में पेट्रोल और डीजल के स्टॉक की कोई भी कमी नहीं है।
अधिकारियों ने आगे बताया कि जिन चुनिंदा पेट्रोल पंपों से तेल खत्म होने या बिक्री रोकने की झूठी शिकायतें मिल रही हैं, वहां विभाग की विशेष जांच टीमों को तुरंत भेजा जा रहा है। यदि कोई संचालक जान-बूझकर कालाबाजारी या जमाखोरी करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन सभी पंपों पर सुचारू आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।

