New Delhi News: भारत में फेफड़ों के कैंसर (लंग कैंसर) के मरीजों के लिए चिकित्सा जगत से एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। देश में कैंसर के उपचार को और अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए एक अत्याधुनिक सबक्यूटेनियस इम्यूनोथेरेपी तकनीक ‘टेसेंट्रिक एससी’ को बुधवार को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। इस दौरान कई नामचीन कैंसर विशेषज्ञ और कंपनी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कैंसर रोग विशेषज्ञों के अनुसार यह नई आधुनिक तकनीक जीवन रक्षक दवा को मरीज के शरीर में मात्र सात मिनट के भीतर देने की अद्भुत सुविधा प्रदान करती है। इसके विपरीत, अब तक इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक ‘आईवी इन्फ्यूजन’ (नस के जरिए दवा देना) प्रणाली में मरीजों को कई घंटों तक बेड पर लेटे रहना पड़ता था, जिससे उनका काफी समय और ऊर्जा नष्ट होती थी।
अस्पताल के भारी-भरकम खर्च से मिलेगी बड़ी राहत
अगर हम दोनों तकनीकों के खर्च की तुलना करें, तो यह नई सबक्यूटेनियस तकनीक पारंपरिक व्यवस्था (ढाई लाख रुपये प्रति डोज) के मुकाबले थोड़ी महंगी (करीब साढ़े तीन लाख रुपये प्रति डोज) जरूर है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक आईवी पद्धति में मरीज को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता था, जिससे बेड चार्ज और अस्पताल के अन्य भारी-भरकम खर्च जुड़ जाते थे, जो इस नई व्यवस्था में बिल्कुल नहीं होंगे।
रोश इंडिया ने देश में पेश की स्विट्जरलैंड की तकनीक
कैंसर के इलाज को आसान बनाने वाली यह विश्वस्तरीय तकनीक मूल रूप से स्विट्जरलैंड की प्रतिष्ठित दवा निर्माता कंपनी रोश की भारतीय इकाई ‘रोश इंडिया’ द्वारा देश में लेकर आई गई है। इस सफल लॉन्चिंग के बाद अब देश के सभी प्रमुख और बड़े सरकारी व निजी अस्पतालों में इसके नियमित इस्तेमाल की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं, जिससे कैंसर पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।


