Blinkit vs Swiggy: क्विक कॉमर्स की जंग में कौन पड़ा किस पर भारी? चौंका देंगे Q4 के नतीजे

India Business: भारत में क्विक कॉमर्स का बाजार अब एक नई करवट ले रहा है। कुछ ही मिनटों में ग्रोसरी और स्नैक्स घर पहुंचाने वाली कंपनियों के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों ने साफ कर दिया है कि इस रेस में Blinkit फिलहाल बाजी मारता दिख रहा है। हालांकि Swiggy Instamart भी अपने नेटवर्क विस्तार के साथ कड़ी टक्कर दे रहा है। दोनों कंपनियों के आंकड़ों में बड़ा अंतर दिखाई दिया है।

Eternal Limited के स्वामित्व वाली कंपनी Blinkit ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) सालाना आधार पर 95.4 प्रतिशत तक बढ़ गई है। विस्तार के मामले में भी Blinkit पीछे नहीं रहा और उसने इस दौरान 216 नए स्टोर जोड़े। अब कंपनी के पास कुल 2,243 स्टोर का बड़ा नेटवर्क है। सबसे बड़ी बात यह है कि Blinkit का Adjusted EBITDA लगातार बेहतर हो रहा है और कंपनी अब मुनाफे के बेहद करीब पहुंच गई है।

दूसरी ओर Swiggy Instamart ने भी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए काफी निवेश किया है। Q4 FY26 में कंपनी की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) करीब 68.8 प्रतिशत बढ़कर ₹7,881 करोड़ पहुंच गई। Swiggy अब देश के 129 शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है। कंपनी ने पिछले दो सालों में अपने डार्क स्टोर्स की संख्या 523 से बढ़ाकर 1,143 कर दी है। हालांकि भारी विस्तार के कारण कंपनी का घाटा अभी भी प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

मार्केट कैप और शेयरों की स्थिति में बड़ा अंतर

शेयर बाजार में दोनों कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो Eternal Limited की स्थिति बेहतर नजर आती है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹2.37 लाख करोड़ है और इसका शेयर ₹246 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसने निवेशकों को पिछले एक साल में 4 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इसके विपरीत Swiggy का मार्केट कैप लगभग ₹70,954 करोड़ है। Swiggy का शेयर ₹257 पर बंद तो हुआ लेकिन एक साल में इसमें 17 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो Eternal Limited की इनकम वित्त वर्ष 2026 में उछलकर ₹54,364 करोड़ तक पहुंच गई। पिछले साल यह आंकड़ा महज ₹20,243 करोड़ था। हालांकि भारी रेवेन्यू के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर ₹366 करोड़ रह गया है। वहीं Swiggy की आय भी बढ़कर ₹23,053 करोड़ हो गई है। लेकिन कंपनी को वित्त वर्ष 2026 में ₹4,154 करोड़ का भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इससे पता चलता है कि Swiggy पर मुनाफे का दबाव अधिक है।

क्विक कॉमर्स की इस रेस में फिलहाल Blinkit थोड़ा आगे निकलता दिख रहा है। कंपनी ने स्टोर विस्तार और ऑर्डर ग्रोथ के साथ-साथ मुनाफे की दिशा में भी बेहतर संकेत दिए हैं। Blinkit को उम्मीद है कि अगले 3 सालों में वह 60 प्रतिशत की CAGR ग्रोथ हासिल कर लेगा। वहीं Swiggy का फोकस अब प्रीमियम प्रोडक्ट्स और बेहतर ग्राहक सुविधा पर है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि Zepto जैसी कंपनियां इस मुकाबले को कितना चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।

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